
जोधपुर. लोकतंत्र में सहनशक्ति होनी चाहिए। मौजूदा सरकार लोगों की ओर से दिखाए जा रहे काले झंडों से ही तिलमिला उठी है। सरकार को इस तरह के विरोध को सहने की शक्ति होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आरोप लगा रही हैं कि यह अशोक गहलोत के इशारे पर हो रहा है। जो कि सरासर गलत है। जब हमारी सरकार थी तब वाजपेयी जी की यात्रा के दौरान हमने सहायता की थी। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कही। वे यहां महामंदिर स्थित अपनी बहन के घर राखी का त्यौहार मनाने पहुंचे थे। यहां राखी बंधवाने के बाद गहलोत पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में मुख्यमंत्री एक बार भी सर्किट हाउस आकर नहीं रुकी। ऐसे में गांव से आने वाले फरियादी उनसे कैसे मिलते। तो इस तरह का रोष लोगों में होना लाजमी है। यह मुख्यमंत्री के प्रति रोष ही है जो काले झंडे व पत्थरबाजी के तौर पर दिख रहा है। हालांकि कांग्रेस इस तरह पत्थरबाजी जैसी घटनाओं की निंदा करती है। पत्रकारों की ओर से प्रदेश में उनके नेतृत्व के सवाल पर उन्होंने फिर यही दोहराया कि मैं थांसूं दूर नहीं…। इतना कह कर वे वापस निकल गए। video credit : gautam udelia