जोधपुर/ देचू. राजस्थान के लोकदेवता पाबूजी राठौड़ मंदिर कोलू पाबूजी से संतों के सान्निध्य में क्षेत्र की हजारों बीघा गोचर-ओरण भूमि के संरक्षण के संकल्प के साथ मंगलवार को 25 किमी परिक्रमा का आयोजन किया गया। गाजे बाजों के साथ आयोजित शोभायात्रा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर में वैदिक मंत्रों के साथ विशेष पूजा अर्चना बाद पाबूजी राठौड़ के निज मंदिर से सैकड़ों वाहनों के साथ अखण्ड ज्योत रवाना हुई।
परिक्रमा के साथ सबसे आगे अश्व का जोड़ा और उसके पीछे वाहनों में सवार भक्त पूरे परिक्रमा रास्ते में लोकदेवता पाबूजी के जयकारे लगाते चल रहे थे। परिक्रमा का ग्रामीणों की ओर से जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। ओरण परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कर ओरण-गोचर भूमि को बचाने का संकल्प लिया गया।
ओरण परिक्रमा पूरी करके वापस निज मंदिर पहुंचने के बाद शाम को एक सौ एक ज्योत व पांच हजार मिट्टी के दीपक से पाबूजी राठौड़ की महाआरती की गई। आरती के बाद सभी भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया गया। परिक्रमा में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने भजन कीर्तन भी किया गया।
आरती के समय भील समाज के भोपो की ओर से माटा वादन जागरण किया गया। ओरण परिक्रमा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ओरण गोचर भूमि को बचाने के लिए इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता बताई। मंदिर में आकर्षक फूल मंडली व भगवा ध्वज से सजाया गया। इस दौरान पूर्व सरपंच तुलछीसिंह,जिला प्रचारक पीयूष कुमार, प्रधान सिमरथाराम मेघवाल, संयोजक जुगत सिंह करनोत, मंहत प्रताप पुरी, प्रभू सिंह बुड़किया, सरपंच लूणसिंह, सरपंच देचू भवानी सिंह, मदरूप पालीवाल, बजरंग सिंह राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा व जनप्रतिनिधि एवं भक्त मौजूद थे।