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JNVU: नए कुलपति की पहली परीक्षा 13 अक्टूबर को
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JNVU: नए कुलपति की पहली परीक्षा 13 अक्टूबर को

- आचार संहिता लागू होने के 45 मिनट पहले संभाला पदभार - शिक्षकों से कहा-कक्षाएं लो, छात्रों से कहा- कक्षाओं में आओ
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जोधपुर. राज्य सरकार ने शनिवार को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कुछ घण्टे पहले जोधपुर और अजमेर के विश्वविद्यालयों के लिए नए कुलपति की नियुक्ति आदेश जारी किए। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में विवि के ही पूर्व शिक्षक प्रो. गुलाब सिंह चौहान को कुलपति बनाया गया। प्रो. चौहान ने दोपहर 2.15 बजे अपना पदभार संभाल लिया। प्रो. चौहान के सामने पहली बड़ी परीक्षा एक सप्ताह बाद 13 अक्टूबर को ही छात्रसंघ चुनाव विवाद को लेकर अपील की सुनवाई है। उन्होंने कहा कि वे विवि की ग्रीवेंस रिड्रेसल कमेटी की रिपोर्ट, मुख्य चुनाव अधिकारी व छात्रसंघ चुनाव के पदाधिकारियों व प्रत्याशियों का पक्ष सुनने के बाद किसी निर्णय पर पहुंचेंगे। उधर विवि के पूर्व कुलपति डॉ. आरपी सिंह को अजमेर स्थित एमडीएस विवि का कुलपति नियुक्त किया गया है।

प्रो. चौहान ने पद संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अपनी पांच प्राथमिकताएं बताई। पहली प्राथमिकता शिक्षण कार्य नियमित करना, दूसरी विवि की आर्थिक स्थिति में सुधार, तीसरी परीक्षाएं समय पर करवाकर समय पर परिणाम जारी करना, चौथी शिक्षक, छात्र व कर्मचारी हितों के समन्वय और पांचवीं प्राथमिकता विवि के सभी कार्य पारदर्शिता के साथ संपन्न करना बताया। प्रो. चौहान ने कहा कि विवि के स्थापना दिवस, दीक्षांत समारोह जैसे कई कार्यक्रमों में कम से कम खर्चा करके विवि की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएंगे। गौरतलब है कि जेएनवीयू में 5 मई 2018 से कुलपति का पद रिक्त था। सरकार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् आयुर्वेद विवि के कुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा को अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा था। प्रो. चौहान जेएनवीयू में 2001 से 2006 तक राजनीतिक विज्ञान विभाग और वर्ष 2006 से 2012 तक लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर रहे। मई 2012 में वे सेवानिवृत्त हुए।

सिण्डीकेट बैठक में होगा फैसला

राज्य सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती 2012-13 में भर्ती 154 शिक्षकों पर कार्रवाई के सवाल पर प्रो. चौहान ने कहा कि वे राज्य सरकार के निर्देशानुसार कार्य करेंगे। सरकार कहेगी तो सिण्डीकेट की बैठक बुलाकर उसमें निर्णय करेंगे। नई भर्ती के संबंध में वे बोले कि उन्हें न तो अपने रिश्तेदारों को शिक्षक बनाना है और न ही अन्य मित्रों को, ऐसे में नई भर्ती पूरी तरीके से पारदर्शी तरीके से होगी।