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आवाज स्पष्ट रिकॉर्ड न होने से महिला जेईएन की गिरफ्तारी टली
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आवाज स्पष्ट रिकॉर्ड न होने से महिला जेईएन की गिरफ्तारी टली

- सिटी स्कैन सेंटर संचालक से 23 हजार रिश्वत लेने वाले बिचौलिए को जेल भेजा - जेईएन के खिलाफ एफआइआर दर्ज, मजबूत साक्ष्य संकलन में जुटी एसीबी
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जोधपुर.
शास्त्रीनगर में सिटी स्कैन सेंटर में बिजली का अधिक लोड व वीसीआर शीट भरने का डर दिखाकर बिचौलिए के २३ हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में डिस्कॉम जेईएन वन्दना शर्मा वॉइस रिकॉर्डर की वजह से एकबारगी एसीबी की गिरफ्तारी से बच गई। रिश्वत लेते ही बिचौलिए ने जेईएन से मोबाइल पर बात की थी। बिचौलिए की आवाज रिकॉर्ड हो गई, लेकिन जेईएन की बात रिकॉर्डर में रिकॉर्ड नहीं हो सकी। अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सिटी स्कैन सेंटर में जेईएन की आवाजाही, मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर साक्ष्य एकत्रित करने में जुटी है।

ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि प्रकरण में २३ हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार होने वाले मध्यस्थ मनोहरसिंह चौहान को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे तीस जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। सेक्शन-७ निवासी जेईएन वन्दना शर्मा की भूमिका की जांच की जा रही है। उसके खिलाफ कार्रवाई व गिरफ्तारी से पहले कुछ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
सेंटर में अकेले आई, फिर बिचौलिए संग संचालक को डराया

एसीबी के एएसपी डॉ दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि जेईएन की भूमिका को लेकर जांच चल रही है। जोधपुर सिटी एण्ड डायग्नोसिटक सेंटर में सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किए गए हैं। जेईएन वन्दना शर्मा सुबह कार में अकेले सेंटर आईं थी। फिर मोपेड पर बिचौलिया वहां पहुंचा। दोनों सेंटर में गए और संचालक गजेन्द्र महिया को अधिक लोड की वीसीआर शीट भरने को डराया गया। दोनों बाहर आ गए, जहां कार के पास जेईएन वीसीआर शीट भरने का दिखावा करने लगी। जेईएन से बात कर बिचौलिए ने संचालक से बात की थी। फिर संचालक ने दोनों से बात कर राहत दिलाने का आग्रह किया था।
बिचौलिए की जेईएन व संचालक से बातचीत की जांच

एसीबी ने आरोपी बिचौलिए व जेईएन की कॉल डिटेल निकलवाई है। इस आधार पर दोनों की आपस में बातचीत और सिटी स्कैन संचालक से बातचीत का विश्लेषण किया जा रहा है। उसके बाद कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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ग्राम विकास अधिकारी को जेल भेज
उधर, एसीबी की जैसलमेर चौकी के उपाधीक्षक अनिल पुरोहित ने सम पंचायत समिति के सितोड़ाई ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी बलवंतसिंह जाट को एसीबी मामलात की अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। हनुमानगढ़ में भादरा तहसील के नागल निवासी ग्राम विकास अधिकारी बलवंतसिंह ने सितोड़ाई में नरेगा के मैट जितेन्द्र कुमार प्रजापत से नाडी खुदाई करने वाले श्रमिकों की मस्टररोल भरने व मस्टररोल पारित करने की एवज में पांच हजार रुपए मांगे थे। यह राशि लेते उसे सोमवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।