
जोधपुर. जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माण पर कार्रवाई शिकायतों पर आधारित है। यदि कोई व्यक्ति शिकायत करता है तो टीम मौके पर पहुंचती है और जांच करने के बाद कार्रवाई की जाती है। लेकिन स्वयं सर्वे करने जैसी कोई पहल जेडीए की ओर से नहीं होती। इसका प्रमुख कारण लम्बा चौड़ा क्षेत्र होने और स्टाफ की कमी होना बताई जाती है।
काम रुकवाया और इतिश्री
पिछले दिनों शिकारगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण की शिकायतों पर जेडीए की टीम पहुंची और काम रुकवाया। श्रमिकों के औजार जब्त किए और इतिश्री कर ली। पिछले माह पांच स्थानों पर कार्रवाई हुई, लेकिन एक भी जगह ठोस परिणाम नहीं निकला।
चार माह में चार सीज
जेडीए की ओर से पिछले चार माह में चार भवनों को सीज किया गया है। इसमें कुड़ी भगतासनी में एक बहुमंजिला इमारत भी शामिल है। खास बात यह है कि अतिक्रमण या अवैध निर्माण पर निगरानी के लिए कोई केन्द्रीयकृत व्यवस्था नहीं है। प्रत्येक जोन के तहसीलदार को उसके जोन की जिम्मेदारी दे रखी है।
इनका कहना है
अवैध निर्माण या अतिक्रमण पर कार्रवाई शिकायत आने पर की जाती है। यदि कोई ऑनलाइन या अन्य प्रकार से शिकायत करता है तो त्वरित कार्रवाई होगी। इसके अलावा भी निर्देश दिए हैं फील्ड सर्वे कर अवैध निर्माण को सूचीबद्ध करने की।
दुर्गेशकुमार बिस्सा, आयुक्त, जोधपुर विकास प्राधिकरण।