
जोधपुर. देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) में प्रवेश के लिए आयोजित आइआइटी जेईई-एडवांस परीक्षा का परिणाम रविवार सुबह घोषित हुआ। इसमें जोधपुर में संचालित ऑयल इंडिया सुपर-30 के तीस में से 21 विद्यार्थी चयनित हो गए। सुपर-30 के जगदीश सुथार ने पूरे देश में 409 वीं रैंक प्राप्त की। वह जोधपुर का सिटी टॉपर भी है। सिरोही निवासी कारपेंटर जीवाराम सुथार का पुत्र जगदीश सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान में योगदान देना चाहता है। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे जगदीश ने 12वीं में 95.8 व दसवीं में 91.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
चार साल में 120 में से 97 का चयन
अभ्यानंद सुपर-30 की यूनिट के तौर पर संचालित ऑयल इंडिया सुपर-30 प्रदेश में केवल जोधपुर में ही है। सन् 2014-15 में शुरू इस संस्था से चार साल में 120 में से 97 बच्चे आइआइटी पहुंचे। चयनित होने वाली सभी बच्चे गरीब तबके से हैं। फल विक्रेता के पुत्र हंसराज ने 8350 वीं रैंक प्राप्त की। भीलवाड़ा के आशीष उचेलिया के पिता मजदूरी करते हैं। उसका बड़ा भाई अविवास भी सुपर-३० में पढक़र आइआइटी गुवाहटी पहुंचा है। बारां निवासी अरविंद मेहता के पिता दूसरों की जमीन पर खेती करके परिवार पालते हैं। धौलपुर के बसेड़ी गांव के विष्णु बंसल के पिता की खाद-बीज की दुकान है।
कम्प्यूटर ने दी गरीब बच्चों को मात
ऑयल इंडिया राजस्थान परियोजना के कार्यकारी निदेशक एससी मिश्रा व वरिष्ठ अधिकारी मधुर जे. बरुआ ने बताया कि अधिकांश बच्चे गरीब व ग्रामीण तबके से आते हैं। कक्षा टेस्ट में इनकी परफोर्मेंस शानदार थी लेकिन इस बार ऑनलाइन परीक्षा होने से छात्र माउस में उलझ गए। अभ्यस्त नहीं होने की वजह से कइयों को कम्प्यूटर पर परीक्षा देने में दिक्कत आई।
एक बच्चे पर 2 लाख खर्च, एेसे लें प्रवेश
ऑयल इंडिया ने इस साल तीस छात्रों पर 58 लाख रुपए, यानी एक छात्र पर करीब 2 लाख रुपए खर्च किए। सुपर-30 में केवल गरीब व कमजोर वर्ग के होनहार बच्चों को नि:शुल्क तैयारी करवाई जाती है। वर्तमान में संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया चालू है। 30 में से 20 बच्चों का चयन हो चुका है, 10 बाकी है। कोई भी छात्र जोधपुर में पांचबत्ती चौराहा स्थित संस्थान के कार्यालय में सम्पर्क कर सकता है। छात्र को पहले लिखित परीक्षा व बाद में साक्षात्कार से गुजरना पड़ेगा। परिवार की सालाना आय 2.50 से कम होने के साथ वह पढ़ाई में होनहार होना चाहिए।
इस साल बच्चों का यह रहा शेड्यूल
– सुबह 6 बजे उठना, 7 से 9 मैथ्स की क्लास। उसके बाद ब्रेकफास्ट।
– सुबह 10 से 12 फिजिक्स की क्लास। लंच के बाद सेल्फ स्टडी।
– शाम 7 से 9 बजे केमेस्ट्री की क्लास। रात को थोड़ा टहलना।
– संस्थान में टीवी, मोबाइल, अखबार सब बंद थे।
– छात्रों को साल में केवल दीपावली पर 5 दिन की छुट्टी मिली थी।