
जोधपुर . जोधपुर डिस्कॉम के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक एसएस यादव की नियुक्ति का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यादव ने कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया और डिस्कॉम इंजीनियर की एसोसिएशन ‘बेजोड़’ इसके विरोध में उतर आई है। बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ जोधपुर डिस्कॉम (बेजोड़) के संरक्षक डीके व्यास सहित अन्य ने इसके विरोध में बिगुल बजा दिया है। एक विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि तकनीकी कुशल अभियंताओं के बावजूद विवादास्पद अभियंता को इस पद पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर डिस्कॉम का भू-भाग प्रदेश के अन्य तीनों डिस्कॉम से ज्यादा है। यहां राजस्थान के बाहरी आदमी को नियुक्त करने पर वह विद्युत समस्याओं के बारे में अनभिज्ञ रहेगा। यहां की कृषि व औद्योगिक प्रणाली से पूर्णतया अनभिज्ञ रहेगा। एसोसिएशन से जुड़े अभियंताओं ने इस नियुक्ति की आलोचना करते हुए गैर विवादित व्यक्ति को लगाने की मांग की।
जोधपुर डिस्कॉम का घाटा सबसे कम
बेजोड़ ने बताया कि वर्ष 2017-18 में जोधपुर डिस्कॉम का तकनीकी एवं वाणिज्य घाटा 17.95 प्रतिशत था, जो कि अन्य डिस्कॉम में न्यूनतम था। यही घाटा जयपुर डिस्कॉम का 19.68 प्रतिशत और अजमेर का 19. 43 प्रतिशत था। ऐसे में स्पष्ट है कि जोधपुर डिस्कॉम के अभियंताओं की कार्यशैली बेहतर है। इंटीग्रेटेड रेटिंग में जोधपुर डिस्कॉम के प्रतिशत 47.06 एवं जयपुर डिस्कॉम का प्रतिशत 45.90 है। यह आंकड़ा भी जोधपुर डिस्कॉम के अभियंताओं की कार्यशैली को दर्शाता है।