
जोधपुर.
पाक विस्थापित परिवार के ११ सदस्यों की मृत्यु जहरीले पदार्थ से हुई थी। दस मृतकों के हाथों की नसें व एक महिला के पांव में इंजेक्शन भी लगाए गए थे। तीन चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड से ग्यारह शवों के पोस्टमार्टम के बाद यह पुष्टि हुई ह ै। पुलिस का मानना है कि यह कृत्य कोई चिकित्सकीय विशेषज्ञ ही कर सकता है और वो मुखिया की पुत्री ही थी। उधर, जांच के लिए एक एएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर पृथक-पृथक कार्यभार सौंपे गए हैं।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहठ के अनुसार मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम में जहर से मृत्यु की पुष्टि हुई है। साथ ही दस मृतकों के हाथ व प्रिया के पांव की नसों में इंजेक्शन लगे होने की भी पुष्टि हुई है। नसों में इंजेक्शन लगाने का कार्य चिकित्सकीय विशेषज्ञ ही कर सकता है। मृतक बुद्धाराम भील की पुत्री प्रिया नर्स थी और बालेसर में निजी अस्पताल में कार्य करती थी। एेसे में संदेह की सुई प्रिया की तरफ घूम रही है। पुलिस को अंदेशा है कि उसी ने चूहे मारने में काम आने वाली रॉकेट नामक तरल जहरीले की पदार्थ के इंजेक्शन लगाकर जान ली है। उधर, पूछताछ के लिए ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
तलाश : कहां से लाए जहरीला पदार्थ?
जांच के दौरान घटनास्थल से रॉकेट नामक जहर की कई खाली बोतलें बरामद हुईं थी। पुलिस का कहना है कि यह जहर इतना तरल होता है कि इंजेक्शन की सीरिंज में भरा जा सकता है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जहर की बोतलें कहां से और कब खरीदी गई थी।
जांच के लिए विशेष टीमें गठित कर कार्यभार सौंपे
पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) जोधपुर नवज्योति गोगोई ने शाम को पुलिस अधीक्षक राहुल बारहठ के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। केवलराम से मामले की जानकारी ली गई। आस-पास रहने वाले ग्रामीणों से भी परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच एएसपी सुनील पंवार करेंगे। उनके सहयोग के लिए दो उपाधीक्षक, चार निरीक्षक, एक उप निरीक्षक और साइबर विशेषज्ञ की टीम लगाई गई है।
सुसाइड नोट में कांट-छांट की जांच
घटनास्थल पर मिले तीन पृष्ठ के सुसाइड नोट की हस्त लिखावट की जांच कराई जा रही है। इसके अलावा उसमें कुछ जगह कांट-छांट की गई है। उसके बारे में भी पुलिस जांच कर रही है कि वहां क्या लिखा गया था? इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के मोबाइल की पिछले कुछ दिनों की कॉल डिटेल भी मंगाई जाएगी। उसके आधार पर पता लगाया जाएगा कि वो किन-किन के सम्पर्क में थे और क्या चल रहा था?
एक बहन की नर्सिंग डिग्री जली
बुद्धाराम की दो पुत्रियों ने पाकिस्तान से नर्सिंग कर रखी है। दो साल पहले पारिवारिक विवाद के चलते लक्ष्मी की नर्सिंग डिग्री जल गई थी। जिसके चलते वह अस्पताल में प्रैक्टिस नहीं कर पा रही थी।