
जोधपुर.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर की सीनियर नर्सिंग अधिकारी (ग्रेड-2) के लिए 127 पदों की सीधी भर्ती को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भर्ती के लिए आगामी 24 अगस्त को परीक्षा प्रस्तावित है। भर्ती से वंचित रहने वाले वांछित योग्यता से ऊपरी योग्यता वाले अभ्यर्थियों ने सवाल खड़ा किया है।
एम्स की ओर से 28 मई 2018 को निकाली सीनियर नर्सिंग अधिकारी-गे्रड-2 के 127 पदों पर भर्ती के लिए योग्यता बीएससी नर्सिंग-चार वर्षीय डिग्री कोर्स या बीएससी (पोस्ट सर्टिफिकेट)-साढ़े तीन वर्षीय डिप्लोमा व 2 वर्ष सर्टिफिकेट कोर्स निर्धारित की गई थी। साथ ही 200 बैड हॉस्पिटल में 3 वर्ष का अनुभव भी मांगा था। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।
आवेदन से वंचित रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती में मास्टर डिग्री-एमएससी नर्सिंग के लिए किसी प्रकार की नियमावली निर्धारित नहीं की। इसी कारण से हजारों मास्टर डिग्री धारकों को इसमें आवेदन से वंचित रहना पड़ गया। मास्टर डिग्रीधारक अभ्यर्थी दो वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान लगभग 2500 घंटे का क्लिनिकल प्रशिक्षण लेते हैं। ऐसे में इसे भी बीएससी नर्सिंग डिग्री के पश्चात अनुभव के तौर पर सम्मिलित किया जाना चाहिए था।
विद्यार्थियों का कहना है कि भर्ती के संदर्भ में जीएनएम डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों को 3 वर्ष के अनुभव (100 बैड का अस्पताल) के साथ राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए ऑफलाइन आवेदन लिए गए। परंतु इसमें भी मास्टर डिग्री धारकों को किसी तरह की रियायत नहीं दी गई।
इनका कहना है-
संभवत: अभ्यर्थियों की भर्ती को समझने में गलती हुई होगी। भर्ती प्रक्रिया आर.आर. रूल्स के तहत ही अपनाई गई है। नियमों के अनुसार हायर डिग्री को अनुभव में छूट प्रदान नहीं की जा सकती।
-मनीष श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी, एम्स, जोधपुर