जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय का छात्र सेवा मंडल विद्यार्थियों में छुपी प्रतिभा को तराशने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में लगा है। वहीं पिछले 40 वर्षों से यूथ फेस्टिवल में भाग लेने के साथ ही खासतौर से सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, नाटक, लोक नृत्य, लोक गायन, रंगोली, मांडणा और ऑन स्पॉट पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताओं में जेएनवीयू के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर विजेता भी रहे हैं। ऐसे में यूथ फेस्टिवल से पूर्व छात्र सेवा मंडल की ओर से इकोदय कल्चरल फेस्टिवल वीक का आगाज सोमवार से हुआ। इसमें साहित्यिक, नृत्य, ललित कला, रंगमंच, गायन आदि जैसी करीब 30 प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें चयनित प्रतिभागियों को यूथ फेस्टिवल में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस वर्ष यूथ फेस्टिवल हिसार की स्टर्लिंग ग्लोबल यूनिवर्सिटी में होगा, जिसमें जेएनवीयू के पचास प्रतिभागियों की टीम भाग लेगी।
पहले दिन कई प्रतियोगिताएं:
इकोदय कल्चरल फेस्टिवल वीक के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर केएल श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र सेवा मंडल के पटल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्र स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। मंडल अध्यक्ष प्रो ऋतु जोहरी ने बताया कि पहले दिन देशभक्ति गीत, लोकगीत, हिंदी और अंग्रेजी कविता वाचन एवं रंगोली प्रतियोगिता हुई। इसमें मनीषा डागा, डॉ. पूजा राजपुरोहित, डॉ. स्वाति शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। मंडल सचिव डॉ. जालम सिंह रावलोत ने कहा कि सुर, ताल, भाव के साथ गायन की मधुर शैली प्रवाहित हुई तो कविताओं में देशभक्ति, प्रेम, प्रकृति आदि विषयों पर विद्यार्थियों ने स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध किया। डॉ. विभा भूत ने बताया कि आंगन की सुंदर छटा पर रंगों से भारतीय दर्शन को साकार करते विद्यार्थियों ने सुंदर रंगोली को आकर्षक ढंग से उकेरा। संचालन समन्वयक डॉ. हितेंद्र गोयल ने किया।
राजस्थानी संस्कृति करती है आकर्षित:
पिछले 12 सालों से यूथ फेस्टिवल दल का प्रतिनिधित्व कर रहे हितेंद्र गोयल ने बताया कि यूथ फेस्टिवल में आयोजित सांस्कृतिक रैली में जेएनवीयू पिछले 6 साल से भारत के विभिन्न कोनों में एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। इसमें विद्यार्थी राजस्थानी वेशभूषा के साथ ही घूमर व कच्छी घोड़ी नृत्य करते हुए भाग लेते हैं। यूथ फेस्टिवल की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में नरपतसिंह राजपुरोहित, संतोष चारण, हितेंद्र गोयल, मीनल भंडारी, ऊषा राठौड़ राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे हैं। वहीं लोक नृत्य में दस छात्राओं का समूह राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायकों को आश्चर्यचकित करने में सफल रहा है।