
जोधपुर . राइट टू एजुकेशन के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया चालू हो गई है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया में आधे से ज्यादा अभिभावक पारंगत नहीं है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि आवेदन कहां और कब भरा जाना है, क्योंकि आरटीई को लेकर योग्य अभिभावकों में जागरुकता का अभाव है। शिकायतें यह भी आ रही है कि कई निजी स्कूलों में आरटीई के बारे में जानकारी मांगे जाने पर जिम्मेदार अभिभावकों को ढंग से जवाब तक नहीं दे रहे हैं।
निजी स्कूलों में नहीं कोई सूचना चस्पा
आरटीई प्रवेश को लेकर ज्यादातर निजी स्कूलों के बाहर या स्वागत कक्ष पर कोई सूचना चस्पा नहीं है। इस कारण आरटीई का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा शहर में एेसे कई स्कूल हैं, जो लंबे समय से आरटीई में प्रवेश नहीं दे रहे है। इनके खिलाफ भी शिक्षा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कच्ची बस्तियों के आसपास निजी स्कूल नहीं
सरकार की कैचमेंट एरिया नियम से आरटीई योजना में गरीबों के बच्चों को वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया से वंचित होना पड़ रहा है। बहुत सी कच्ची बस्तियों के आसपास वार्ड में निजी स्कूलें नहीं होने के कारण आरटीई प्रवेश से विद्यार्थी वंचित रह रहे हैं। समाजसेवक पूनाराम सांसी ने बताया कि आरटीई में नियमानुसार प्रवेश वार्ड निवासी को ही दिया जाता है। योजना का लाभ गरीबों की बजाय सक्षम और सम्पन्न लोगों को ही मिल रहा है। वर्तमान में वार्ड संख्या 42 में सांसी, हरिजन, ढोली व नायक समुदाय के लोग निवास करते रहे हैं, जो सभी अनुसूचित जाति से हैं। इस वार्ड में शिक्षा का स्तर भी निम्न है। नए नियम के बाद आरटीई प्रवेश बढऩे की संभावना बहुत कम है। सांसी ने कहा कि कई स्कूलों में आरटीई प्रवेशित बच्चों से किताबों के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है। शिक्षा विभाग में शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
आवेदन 7 मार्च तक भरे जाएंगे
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन गत १६ फरवरी से भरे जाना शुरू हो गए हैं। यह आवेदन ७ मार्च तक भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन लॉक करने से पूर्व अभिभावक की ओर से बालक-बालिका का नाम, जन्मतिथि, पता, एंटी कक्षा का चयन, वार्ड नंबर, ग्राम स्कूल का चयन व मोबाइल नंबर भी सावधानीपूर्वक भरना है। समस्त अभिभावक भरी गई सूचना का पहले प्रिंट आउट लेकर जांच करने के पश्चात ही डाटा लॉक करें।
गलत डाटा भरने की स्थिति में बालक प्रवेश से वंचित
अभिभावक की ओर से गलत डाटा भरे जाने की स्थिति में बालक प्रवेश से वंचित रह सकता है। ९ मार्च को ऑनलाइन लॉटरी से मेरिट लिस्ट बनेगी। मेरिट लिस्ट के आधार पर ही अभिभावक अपने बच्चे का इच्छित विद्यालय में २० मार्च के पूर्व आवेदन पत्र व अन्य आवश्यक दस्तावेज मूल व छाया प्रति के साथ इच्छित विद्यालय में उपस्थित होकर जमा करवाएंगे। साथ ही उन्हें प्राप्ति रसीद भी लेनी होगी। इसके बाद अगले दिन २१ मार्च को विद्यालय में प्रवेश होगा। योग्य विद्यार्थी के अभिभावक की आय १ लाख या इससे कम होनी चाहिए।
इनका कहना है
सभी निजी विद्यालय आरटीई संबंधी सूचना चस्पा करें। योग्य अभिभावकों की मदद की जाएं। ये नेक कार्य है।
– मदनलाल विश्नोई, जिला आरटीई प्रभारी