CG News: आमतौर पर किसी की मृत्यु के बाद घर और गांव में मातम का माहौल होता है, लेकिन कांकेर जिले के मांडाभर्री गांव ने एक अनोखी परंपरा पेश की। यहां ग्राम पटेल गिरवर पांडे के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा भजन, संगीत और बाजे-गाजे के साथ निकाली गई।
ग्रामीणों ने बताया कि यह आयोजन जीवन की अस्थायीता और आत्मा की शाश्वतता का संदेश देने के लिए किया गया। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अपने मुखिया को गीत-संगीत की धुनों पर हंसते-हंसते विदा किया। गिरवर पांडे का निधन बीमारी के चलते हुआ था। उनकी अंतिम यात्रा में जहां आमतौर पर शोक होता है, वहीं यहां भक्ति गीत और संगीतमय माहौल रहा, जिसने इस विदाई को यादगार और चर्चा का विषय बना दिया।