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पकड़ा गया किंग्स ऑफ काकादेव का सरगना, स्टूडेंट्स को सेक्स रैकेट के जाल में फंसाया

काकादेव कोंचंग मंडी में कोचिंग सुपरवाइजर चला रहा था सेक्स रैकेट, सटीक सूचना पर पुलिस ने सरगना सहित तीन को गिरफ्तार किया।

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कानपुर। यूपी ही नहीं देश के कोने-कोने से छात्र व छात्राएं कानपुर के काकादेव में आकर आईआईटी समेत इंजीनियरिंग की तैयारी करते हैं। इसके बदले कोचिंग संचालक उनसे मुंहमांगी कीमत वसूलते हैं। पर पिछले कुछ माह के बाद कोंचंग मंडी सुर्खियों में हैं। टीचरों को गोली से मारा जा रहा है तो स्टूडेंट्स को शोषण कर संचालक अपनी तिजोरी भर रहे हैं। पर रविवार को रेलबाजार पुलिस ने यहां ए घर पर छापा मारकर हाईटेक सेस्स रैकेट चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सरगना काकादेव में एक कोचिंग का सुपरवाइजर है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को भी किंग्स ऑफ काकादेव व्हाट्सएप में पहले जोड़ता और फिर पैसे व अश्लील वीडियो के जरिए उन्हें गलत काम करने के लिए तैयार करवता था।

13 युवक तो 7 युवतियां
एसपी पूर्वी राजकुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर रेलबाजार मनोज रघुवंशी ने टीम के साथ रानीगंज, काकादेव निवासी सरगना मोहित शुक्ला, मूलरूप से नेपाल निवासी संदीप और सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है। संदीप और सूरज इस वक्त काकादेव में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि व्हाट्सएप पर किंग्स ऑफ काकादेव नाम से ग्रुप बनाकर दो साल से सेक्स रैकेट चला रहे थे। ग्रुप में 13 युवक व सात लड़कियां शामिल थीं। कोचिंग में सुपरवाइजर होने के नाते मोहित ने मेडिकल, इंजीनियरिंग व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को लालच देकर ग्रुप से जोड़ लिया था। धंधे के लिए उसने जरूरतमंद लोगों को भी ग्रुप से जोड़ रखा था। वह डिमांड के मुताबिक लड़के और लड़कियों की सप्लाई करता था। इसके एवज में वह उनसे तीन से पांच हजार रुपये वसूलता था।

युवाओं की मांग ज्यादा
पुलिस की पूछताछ के दौरान सरगना मोहित ने बताया कि कोंचंग में पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं के अलावा उनके परिजनों के मोबाइल नंबर लेकर उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लेते और फिर अश्लील वीडियो शेयर करते। कुछ लोग अपने को ग्रुप से अगल कर लेते, पर कुछ इनके जाल में फंस जाते। फिर पुरूष और महिला ग्राहकों की मांग के अनुसार कार्ल गर्ल व प्ले ब्वाय की सप्लाई की जाती। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल से कार्ल गर्ल के बजाए प्ले ब्वाय का ज्यादा डिमांड बढ़ गई थी। महिला ग्राहक इसके अच्छे पैसे भी देती थीं।

महिला की शिकायत पर कार्रवाई
आरोपियों ने रेलबाजार की एक महिला को अपने ग्रुप में जोड़ा और फिर उसे अपने जाल में फंसाने का प्रयास किया। महिला पहले इनके बहकावे पर आ गई, लेकिन जैसे ही उसे सेस्स रैकेट के बारे में जानकारी हुई तो वो पुलिस के पास जाकर इनकी पोल खोल दी। इसी के बाद हाईटेक सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाभोड़ किया। एसपी के मुताबिक पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पड़ताल कर रही है। गैंग के तार किन-किन शहरों से जुड़े हैं इसके लिए टीमें लगा दी गई हैं। जल्द ही अन्य आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे।