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हिण्डौनसिटी. शहर के रावण की रूंडी मैदान में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण साढ़े सात वर्ष बीतने के बाद भी अधूरा है। निर्माण कार्य की कछुआ चाल के चलते 91 माह में 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे मेंं निर्माण की समय सीमा से 3 वर्ष निकलने के बाद भी आवेदकों को अपने आशियाने का सपना दूर की कौड़ी बना हुआ है।
दरअसल राज्य सरकार ने वर्ष 2017 आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार व अल्प आय वर्ग के लिए कम कीमत मकान उपलब्ध कराने को अर्फोडेबल हाउसिंग पॉलिसी शुरू की थी। इसके तहत नगर परिषद क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 544 व व अल्प आय वर्ग के लिए 272 चार मंजिला बुनियादी सुविधाओं से युक्त फ्लेट्स के निर्माण की स्वीकृति जारी गई। इसके लिए नगरपरिषद ने रावण की रुण्डी के मैदान (पशु मेला ग्राउंड) को चिह्नित किया गया। जहां राज्य सरकार द्वारा 22 मार्च 2018 को जयपुर की शिल्पा कंस्ट्रेक्शन कम्पनी को 27 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपए की लागत से कुल 736 आवासों के निर्माण का कार्यादेश जारी किया था। जिसमें निर्माण एजेंसी ने ईडब्ल्यूएस वर्ग के 576 व अल्प आय वर्ग के 160 आवासों के निर्माण का काम लिया। उस दौरान 48 माह की कार्य अवधि तय की गई थी। यानी 20 फरवरी 2021 को भवनों का निर्माण कार्य पूरा होना था। लेकिन नियमित निरीक्षण में ढिलाई व निर्माण कपंनी की मनमानी के चलते साढ़े सात वर्ष बीतने के बाद भी कार्य पचास प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि कई ब्लॉकों में आवासों के ढांचे के नाम पर पिलर की खड़े किए गए हैं। जिन पर तीन वर्ष बात भी छत दौर दीवारों का निर्माण नहीं हुआ है। कइयों बार निर्माण अवधि बढ़ाने के बाद भी निर्माण कार्य को रफ्तार नहीं मिली है। कार्य की ऐसी ही चाल रही तो आवासों का निर्माण आगामी कई माह में भी पूरा होने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में अपने आशियाने की तमन्ना में फ्लैट्स के आवेदन की किश्त जमा करा रहे लोगों का भी मोह भंग हो रहा है। काफी लाभार्थियों के किश्त जमा नहीं कराने से आवास योजना में फिर से लॉटरी निकालने की नौबत आ रही है।
6 माह से बंद है निर्माण
नगर परिषद सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री जनआवास का निर्माण बीते 5-6 माह से बंद पड़ा है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट प्रभारी ने हाल ही में 19 सितम्बर को पत्र परिषद को पत्र भेज अतिवृष्टि और बजट के अभाव में कई माह से निर्माण कार्य ठप होने की सूचना दी है। कोरोना काल में भी आवास योजना का कार्य खासा प्रभावित रहा था।
दो बार दिए नोटिस, 9.35 करोड़ हुआ भुगतान
नगर परिषद ने मुख्यमंत्री जनआवास योजना में समय रहते आवास निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने पर निर्माण कम्पनी को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है। 3 मार्च और 27 जून के नोटिस के बाद अब एक और नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रह है। वहीं निर्माण कार्य के ऐवज में कम्पनी को 9 करोड़ 35 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
सडक़ बनी न लगी रोड लाइट
रावण की रुंडी आवास योजना में आवासों के अधूरे होने के साथ अब तक जनसुविधाएं भी नहीं जुटाई गई हैं। आवासीय योजना में सडक़, रोड़ लाईट, पार्क आदि मूलभूत सुविधाएं भी विकसित किया जाना शामिल है। लेकिन साढ़े 7 वर्ष बीतने के बाद भी मौके पर सडक़ , रोशनी सहित अन्य जनसुविधाओं पर कार्यारंभ नहीं हुआ है। गौरतलब है कि आवास योजना में एलआईजी वर्ग के लिए 515 वर्ग फीट का 2 बीएचके व ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 342.5 वर्ग फीट में 1 बीएचके प्लैट्स क ा निर्माण होना है।
इनका कहना है
मुख्यमंत्री जनआवास योजना का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इसमें क्या इश्यूज हैं। इसके बार में नगर परिषद के योजना प्रभारी व निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट प्रभारी से जानकारी ली जाएगी।
हेमराज गुर्जर, एसडीओ
हिण्डौनसिटी.
आवास योजना में अभी तक 42 प्रतिशत काम हुआ है। कार्य की धीमी चाल को लेकर निर्माण
कम्पनी को दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। एक और नोटिस जारी का निर्माण कार्य शुरू करने व कार्रवाई को लेकर आगाह किया जाएगा।
धर्मराज गुर्जर, सहायक अभियंता
नगर परिषद, हिण्डौनसिटी