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सैन्य सम्मान के साथ हुई कसाने का नगला के जांबाज नायब सूबेदार रामावतार सिंह की अंत्येष्टि

हिण्डौनसिटी. ऑपरेशन करगिल विजय सहित कई सैन्य अभियानों में जांबाजी दिखाने वाले गांव कसाने के नगला के सपूत नायब सूबेदार रामावतार सिंह (47) की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। भरतपुर व अलवर से आए सेना के सम्मान दल ने तिरंगे में लिपटी सैनिक की पार्थिव देह को सशस्त्र सलामी दी। भारत माता व ओजस्वी जयघोषों के बीच दिवंगत नायब सूबेदार के 10 वर्षीय पुत्र निर्मल ने पाथिव देह को मुखाग्नि दी। रामावतार सिंह का 30 जनवरी को कोलकाता के अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था।

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हिण्डौनसिटी. ऑपरेशन करगिल विजय सहित कई सैन्य अभियानों में जांबाजी दिखाने वाले गांव कसाने के नगला के सपूत नायब सूबेदार रामावतार सिंह (47) की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। भरतपुर व अलवर से आए सेना के सम्मान दल ने तिरंगे में लिपटी सैनिक की पार्थिव देह को सशस्त्र सलामी दी। भारत माता व ओजस्वी जयघोषों के बीच दिवंगत नायब सूबेदार के 10 वर्षीय पुत्र निर्मल ने पाथिव देह को मुखाग्नि दी। रामावतार सिंह का 30 जनवरी को कोलकाता के अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। छोटे भाई धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि रामावतार वर्तमान मे असम के रंगपुर- तेजपुर इलाके में तैनात थे। करीब दो वर्ष पहले चीन सीमा पर ग्लेश्यिर पर तैनाती पर फिसल कर गिरने से सिर में चोट से पीड़ित थे। गत दिनों ड्यूटी पर तैनाती के दौरान तबीयत बिगड़ने पर रेजीमेंट के अधिकारियों ने रामावतारसिंह को चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान निधन हो गया। 27 राजपूत रेजीमेंट के सूबेदार उदयभान, देशराज व बिजेंद्र सिंह कोलकाता से पार्थिव देह को लेकर शुक्रवार देर रात जयपुर पहुंचे। जहां से सुबह सेना के दो ट्रकों को तिरंगा झंडा लगा और फूलों से सजा कर हिण्डौन आए। 220 केवी जीएसएस से सैकड़ों ग्रामीणों ने तिरंगा रैली के रूप में बाइकों से अगुआई कर रामावतार की पार्थिव देह गांव लेकर पहुंचे। जहां परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। इस दौरान घर के आंगन में कोहराम मच गया।

पति को तिरंगा में लिपटा देख पत्नी गीता देवी फफक पड़ी। पुत्री कृष्णा, नूतन व पुत्र निर्मल व मोहित बिलख पड़े। सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए पुरुषों के साथ महिलाएं भी पहुंची। जहां सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित किए।

ईसीएचएस से कर्नल सूरजसिंह, सैनिक कल्याण बोर्ड से सूबेदार मेजर हरीश, गौरव सैनानियों की ओर से कैप्टन लखनसिंह तथा पुलिस अधीक्षक ब्रजेश ज्योति उपाध्याय की ओर से डीएसपी गिरधर सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित किया। परिजनों ने बताया कि वर्ष 1998 मेें रामावतार सिंह सेना में भर्ती हुए थे। सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण करनेे के बाद 27 राजपूत रेजीमेंट में तैनात हुए।करगिल युद्ध शुरू होने पर रेजीमेंट के साथ वे जम्मू कश्मीर के दुर्गम क्षेत्र में तैनात रहे। बाद में शांतिसेना में पूर्वी अफ्रीकी देश इरट्रिया में तैनात रहे थे। रामावतार के दो भाई सेना से सेवानिवृत व एक सेना में है।