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VIDEO: नगर निगम की बड़ी बेपरवाही: पेयजल सप्लाई डाली न सड़क बनाई और जारी कर दिया कॉलोनी पूर्णता प्रमाणपत्र

नगर निगम कटनी के अफसर कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाने सांठगांठ कर कैसे लोगों को छल रहे हैं इसका बड़ा नमूना शहर की कृष्णधाम कॉलोनी में सामने आया है। जहां के रहवासी लाखों रुपये खर्चने और विकास शुल्क जमा करने के 11 साल बाद भी पेयजल, सड़क जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। दर्जनों शिकायत के बाद अधिकारी अनसुना करते रहे।

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Balmeek Pandey

Nov 20, 2019

कटनी. नगर निगम कटनी के अफसर कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाने सांठगांठ कर कैसे लोगों को छल रहे हैं इसका बड़ा नमूना शहर की कृष्णधाम कॉलोनी में सामने आया है। जहां के रहवासी लाखों रुपये खर्चने और विकास शुल्क जमा करने के 11 साल बाद भी पेयजल, सड़क जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। दर्जनों शिकायत के बाद अधिकारी अनसुना करते रहे। जानकारी मुताबिक 2005 में देवप्रभाकर शास्त्री द्वारा कृष्णधाम कॉलोनी का शिलान्यास किया गया। कॉलोनाइजर मेसर्स दुबे कंस्ट्रक्शन अभय दुबे जबलपुर द्वारा कॉलोनी बनाई गई। नगर निगम ने कॉलोनाइजर का लाइसेंस जारी किया। कॉलोनी का विस्तार शुरू हुआ। यहां पर प्लाटिंग के बाद बिजली, पेयजल सप्लाई, सड़क, पार्क, प्रकाश, जलमल की निकासी का इंतजाम कर कॉलोनाइजर को नगर निगम से एनओसी लेना था, लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि नगर निगम ने बगैर कॉलोनाइजर के काम कराए ही 2009 में कार्य पूर्णतया का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस मामले को लेकर स्थानीय निवासी श्याम शर्मा का कहना है कि मजबूरी में स्थानीय लोग बगैर शुद्ध किया हुआ नलकूप का पानी पीने को विवश हैं।

 

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आयुक्त से लेकर सीएम तक शिकायत
2011 के बाद से कॉलोनी के वासी पेयजल, सड़क व नाली की समस्या को लेकर नगर निगम आयुक्त, कलेक्टर, प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री सहित सीएम हेल्पलाइन में कर चुके हैं। स्थानीय निवासी श्याम शर्मा, श्रीराम कुदरहा, सत्येंद्र परौहा, दयाशंकर गुप्ता, प्रदीप भार्गव आदि ने बताया कि समस्या का समाधान अबतक न तो कॉलोनाइजर ने कराया और ना ही नगर निगम ने। हैरानी की बात तो यह है कि कॉलोनी वैध होने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं कराया गया।

 

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इस नियम का खुला उल्लंघन
बता दें कि सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य एमआइआर 1991 सुप्रीम कोर्ट 420 में अभिनिर्धारित किया है कि प्रदूषणमुक्त जल वायु का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त ‘प्राण का अधिकार’ के अंतर्गत सम्मिलत है। प्रत्येक नागरिक को जल और वायू के प्रदूषण से बचाने के लिए राज्य का कर्तव्य है कि अपने नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए, न कर पाने की स्थिति में लापरवाही युक्त कृत्य समझा जाएगा।

 

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खास-खास:
– 3 लाख 22 हजार से अधिक स्क्वॉयर फीट में हुआ है कॉलोनी का विस्तार।
– कृष्णधाम कॉलोनी में 45 बिल्डिंग बनकर हैं तैयार, लोगों कर रहे निवास।
– वर्तमान में आठ से अधिक आवास कॉलोनी में हैं निर्माणधानी।
– 2011 में दोनों फेजों का कार्य बता दिया गया पूर्ण, जबकि है अधूरा।
– चंदा करके लोगों ने बनाया पार्क, प्रकाश की कराई है व्यवस्था।

नगर निगम के अधिकारी बना रहे दबाव
श्याम शर्मा ने बताया कि यह शिकायत अब सीएम मॉनिट में चली गई है। इसको लेकर लगातार नगर निगम से अधिकारियों के फोन आ रहे हैं। सोमवार को भी एक अधिकारी ने फोन किया और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। बता दें कि यह उस दौरान का प्रकरण है जब वर्तमान आयुक्त आरपी सिंह ही तत्कालीन आयुक्त रहे हैं।

 

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इनका कहना है
मैं मीटिंग में हूं। कृष्णधाम कॉलोनी का क्या मामला है इसको दिखवाया जाएगा। कॉलोनाइजर ने काम नहीं कराया या फिर नगर निगम से होना है उस पर ध्यान दिया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।

मेरे द्वारा 2009 में कॉलोनी बनाकर नगर निगम के हैंडोवर कर दी गई है। पेयजल के लिए पाइप लाइन डलवाई गई है, नगर निगम ने कनेक्शन नहीं किया होगा। सड़क 10 साल में उखड़ गई होंगी, हमने तो बढिय़ां बनाई थी।
अभय दुबे, कॉलोनाइजर।