कटनी. एक से बढ़कर एक भजनों भजनों की प्रस्तुति, सुमधुर भजनों के बीच नांचते-झूमते चल रहे लोग, कदम-कदम पर लग रहे भगवान सूर्य के जयकारे, बैंड की धुन पर थिरकते कदम, संगीत की बजती धुन और भक्ति में सरोबोर लोग…। यह नजारा था रविवार को शहर की सड़कों का। अवसर था गहोई वैश्य समाज के सूर्य उपासना महापर्व का। गहोई दिवस पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक झांकियों के साथ भजनों में झूमते महिलाओं के दलों ने शहर के मुख्य मार्ग का भ्रमण किया और शोभायात्रा का समापन गहोई धर्मशाला में महाआरती से किया गया। समाज के लोगों ने सुबह सूर्य मंदिर में विवि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद झांकियों के साथ भजन गाती मंडलियां शोभायात्रा में शामिल हुईं। यात्रा जगन्नाथ चौक से शुरू हुई, जिसने शहर का भ्रमण किया। यात्रा में जीवंत झांकिया आकर्षण का केन्द्र रहीं। इसके अलावा गहोई वृक्ष और अन्य झांकियों को देखने लोग सड़कों के किनारे मौजूद रहे। भजनों के बीच महिलाओं व युवतियां झूमतीं रहीं तो समाज के वरिष्ठजन, युवा व महिला मंडल के सदस्य जुलूस में शामिल रहे।
इन मार्गों ने निकला शोभयात्रा
शोभायात्रा आजाद चैक, शेर चैक, झंडा बाजार, रुई बाजार, कपडा बाजार, सिल्वर टाकीज रोड, कारगिल चैक, गर्ग चैरहा, घंटाघर, खेरमाई मढिया, होते हुये श्री गहोई वैश्य पंचायती सत्संग भवन में सम्पन्न हुई। गहोई दिवस पर बंधुजन तोरणद्वार, रंगोली कलाश सजाकर भगवान सूर्य का स्वागत वंदन किया। आयोजन में गहोई समाज के पंच परिषद, ट्रस्ट कमेटी, नव युवक मंडल, विकास मंडल, महिला मंडल, जागृति संस्था, एकता मंडल, महिला मनन संस्था, रामायण मंडल के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय जनों की उपस्थिति रही।
जगह-जगह किया स्वागत
शोभायात्रा का गहोई वैश्य समाज सहित अन्य लोगों ने स्टॉल लगाकर स्वागत किया। भगवान की आरती उतारी और प्रसाद का वितरण किया। इसके अलावा शोभायात्रा मार्ग पर व्यापारी, समाजिक संगठनों ने स्टॉल लगाकर शामिल जनों का स्वागत किया। जुलूस का समापन गहोई धर्मशाला में हुआ, जहां महाआरती व प्रसाद का वितरण किया गया।