Bhoramdev Valley: “ये हसीन वादियां, ये खुला आसमान…” यह गीत इन दिनों छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले की भोरमदेव घाटी की हसीन वादियों पर पूरी तरह फिट बैठता है। प्रदेश में पश्चिम बंगाल तटीय क्षेत्र पर बने अवदाब का असर अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं भोरमदेव घाटी को एक जादुई और अलौकिक रूप दे दिया है।
घाटी में इस वक्त का नज़ारा ऐसा है जैसे धरती ने कश्मीर की वादियों का रूप धर लिया हो। चारों ओर फैले पहाड़ी इलाके घनी सफेद धुंध से ढंके हुए हैं, जो दूर से बर्फ की चादर जैसे दिखाई देते हैं। हरियाली और कोहरे के इस अद्भुत मेल ने भोरमदेव को एक परी-कथा के दृश्य में बदल दिया है।
इस नयनाभिराम दृश्य को देखने के लिए अब पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां खिंचे चले आ रहे हैं। सुबह-सुबह घाटी में उतरती धुंध और पहाड़ियों के बीच से झांकता सूरज, ऐसा अनुभव देता है जो अक्सर सिर्फ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में महसूस होता है।
प्राकृतिक सुंदरता और मौसमी बदलाव का यह अद्भुत संगम एक बार फिर साबित करता है कि छत्तीसगढ़ के पास भी ऐसे अनमोल खजाने हैं, जिन्हें सही समय और नजरिए से देखा जाए तो यह किसी भी पर्यटन स्थल से कम नहीं। भोरमदेव घाटी की यह तस्वीर न केवल सुकून देती है, बल्कि यह भी बताती है कि प्रकृति जब अपनी रचनात्मकता में आती है, तो हर स्थान को स्वर्ग में बदल सकती है।