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जिले के 650 अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत, 350 मामलों में नहीं हो सकी पैरवी

शिवपुरी के अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या के विरोध में जिले के 650 अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके चलले मामलों के पैरवी नहीं हो सकी। पक्षकार को सुनवाई की अगली तारीख मिली है। स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर जिले के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया।

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अधिवक्ता सुबह से न्यायालय तो पहुंचे गए थे लेकिन अपने डेस्क पर और अधिवक्ता संघ के सभाकक्ष में बैठे रहे। अधिवक्ता दोपहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रविंद्र पाथरिकर ने बताया कि शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या से प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में आक्रोश हैं।

इस घटना के विरोध में जिले के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। अधिवक्ता सक्सेना की हत्या का मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को सजा दिलाई जाए। परिवार में किसी एक व्यक्ति सरकारी नौकरी और 10 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

पक्षकारों को मिली अगली तारीख

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पाथरिकर का कहना है कि अधिवक्ताओं ने एक भी मामले की पैरवी नहीं की है। इससे करीब 350 मामलों में पैरवी नहीं हो सकी। पक्षकारों को विरोध के बारे में जानकारी दे दी। इसको साथ ही उन्हें अगली तारीख दी है।