ग्राम गुयड़ा निवासी किसान श्रीराम पिता रामसिंग (50) ने अपने चार एकड़ खेत में सोयाबीन की फसल लगाई थी। मगर इस साल कम वर्षा के कारण पूरी फसल नष्ट हो गई। उम्मीद का सहारा खोजते हुए किसान श्रीराम ने फिर खेत में मक्का बोई, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। अतिवृष्टि के चलते मक्का की फसल भी पूरी तरह चौपट हो गई। लगातार दोहरी मार से टूट चुके श्रीराम ने शुक्रवार को सुबह करीब 9.30 से 10 बजे के बीच जहर पी लिया।
रास्ते में हो गई मौत
ग्राम रोशनार निवासी दामाद धमेंद्र दामाद ने बताया कि सुबह ससुर को उल्टी कर रहे थे। पास जाकर देखा तो जहर की दुर्गंध आ रही थी। तब उन्होंने बताया कि जहर पी लिया है। इसके बाद उन्हें मूंदी अस्पताल लेकर आए लेकिन यहां से खंडवा रेफर कर दिया गया। खंडवा जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे की इस बीच रास्ते में उनकी मौत हो गई। वे फसल खराब होने से परेशान थे। संभवत: इसी वजह से उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
फसल खराब होने से परेशान थे
रिश्तेदार राधाकिशन तंवर का कहना है कि पहली बार की बोनी में सोयाबीन की फसल खराब हो गई। इसके बाद श्रीराम ने मक्का की फसल लगाई थी, यह भी खराब हो गई। इसी वजह से उसने जहर पीकर आत्महत्या की।
– इस मामले में मूंदी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि जहर पीने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हैं। घटना की जानकारी मिली हैं, जांच की जा रही है।