पर्यावरण संरक्षण और महिला स्वसहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए मनरेगा के तहत एक बगिया मां के नाम अभियान प्रदेश में चलाया जा रहा है। जुलाई से शुरू हुए अभियान में खंडवा वर्तमान में दूसरे नंबर पर चल रहा है। वहीं, टॉप पांच विकासखंड में खंडवा के चार विकासखंड शामिल है। अभियान के तहत नंबर वन बनने के लिए जिला प्रशासन और जिला पंचायत प्रशासन जुटा हुआ है।
एक बगिया मां के नाम अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले से ही की थी। अभियान के तहत खंडवा जिले को सात ब्लॉक के हिसाब से 100-100 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है। एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ लेने के लिए चयनित हुई समूह की महिला के पास बगिया लगाने के लिए भूमि भी निर्धारित की गई है। चयनित महिला के पास न्यूनतम 0.5 या अधिकतम एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है। एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ लेने के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं का चयन एक बगिया मां के नाम ऐप से किया गया है। ऐप का निर्माण मनरेगा परिषद द्वारा कराया गया है।
तीन हजार महिलाओं का हुआ चयन
जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि अभियान के तहत मिले लक्ष्य अनुसार स्व सहायता समूह की 3 हजार महिलाओं का चयन किया गया। इसमें से 1500 महिलाओं द्वारा 900 एकड़ में एक बगिया मां के नाम फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। खंडवा जलवायु अनुसार यहां चीकू, अमरूद, संतरा और अनार के पौधे लगाए जा रहे है। किए जा रहे पौधरोपण की मप्र इलेक्ट्रिक डेव्हलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। सिपरी एप के माध्यम से जमीन की गुणवत्ता, पानी की उपलब्धता भी देखी जा रही है।
खंडवा टॉप 5 जिलों में, 4 विकासखंड भी शामिल
सीईओ डॉ. गौड़ा ने बताया कि एक बगिया मां के नाम परियोजना के क्रियान्वयन में आज की स्थिति में प्रदेश के टॉप 5 जिलों में खंडवा, सिंगरौली, बैतूल, देवास और आगर मालवा जिले शामिल हैं। प्रदेश के टॉप 5 विकासखंडों में भी खंडवा विकासखंड शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अन्य विकासखंडों में चितरंगी, पंधाना, पुनासा और खालवा विकासखंड शामिल हैं।