
खंडवा.
मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों को एक नई व्यवस्था ने परेशानी में डाल रखा है। सभी जांचों के लिए आभा हेल्थ आइडी को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना आभा आइडी के ब्लड बैंक में सैंपल भी नहीं लिए जा रहे। जिसके चलते भर्ती मरीजों के परिजन सहित ओपीडी में आए मरीज डॉक्टर को दिखाने से पहले आभा आइडी बनवाने में लगे हुए है। जिला अस्पताल में दो ही ऑपरेटर होने से लंबी कतार मरीजों और परिजन की यहां लग रही है।
दृश्य एक- ब्लड बैंक से लौटे मरीज के परिजन
सोमवार दोपहर 12 बजे करीब एक व्यक्ति जिला अस्पताल में भर्ती अपने मरीज के ब्लड सैंपल लेकर पहुंचा। यहां मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर ने एंट्री करने से पहले आभा आइडी मांगी। मरीज के परिजन ने कहा उसके पास आभा आइडी नहीं है। जिसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर ने उसे पहले मरीज की आभा आइडी बनवाकर लाने को कहा। मरीज का परिजन (नाम नहीं प्रकाशित करने का अनुरोध) आभा आइडी बनाने चला गया। इसी तरह करीब 10 लोग यहां बिना आइडी के पहुंचे, जिन्हें वापस लौटना पड़ा।
दृश्य दो- नैदानिक केंद्र आभा आइडी केंद्र
आभा आइडी बनाने के लिए जिला अस्पताल प्रंबधन ने नैदानिक केंद्र में एक ऑपरेटर की व्यवस्था की है। यहां ओपीडी (बाह्य चिकित्सा विभाग) के मरीजों की आभा आइडी बनाई जा रही है। सोमवार करीब 12.30 बजे यहां एक छोटे से कक्ष में 25 से ज्यादा मरीज आभा आइडी बनाने के लिए खड़े थे। मरीज साइदा बी ने बताया कि करीब एक घंटा हो चुका है, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। कब आइडी बनेगी और कब जांच कराने जाएंगे। इसी तरह एनसीसी में भर्ती के लिए जांच कराने आई स्कूली छात्राएं भी यहां परेशान होती रही।
दृश्य तीन- एनसीडी क्लीनिक
दोपहर एक बजे एनसीडी क्लीनिक के बाहर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों की भीड़ लगी थी। यहां मुख्य कार्य ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करना है और ऑपरेटर द्वारा उस रिकॉर्ड को पोर्टल पर दर्ज करना है। यहां मौजूद ऑपरेटर को ही आभा आइडी बनाने का काम सौंप दिया गया है। यहां आई मरीज सुमन पंवार ने बताया कि उसे बड़ा ऑपरेशन करवाना है। खुद ही तीन बार ब्लड सैंपल लेकर आ चुकी हूं, लेकिन तीनों बार जांच नहीं हुुई। आभा आइडी भी नहीं बन पा रही है। यहां मौजूद ऑपरेटर ने बताया प्रतिदिन 45 से 50 आइडी बन रही है।
स्वयं भी बना सकते आभा आइडी
एनसीडी क्लीनिक प्रभारी डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि हमारा काम आभा आइडी बनाने का नहीं है, फिर भी हम मरीजों की सहायता के लिए आइडी बना रहे है। मरीज या उसके परिजन या कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से भी आभा आइडी बना सकता है। इसके लिए आभा डॉट एबीडीएम डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉगइन कर आधार या ड्राइविंग लायसेंस का नंबर डालकर आभा आइडी बना सकते है। जिसकी आभा आइडी बनानी है, उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आता है, उसे भरकर आसानी से आभा आइडी क्रिएट हो जाती है।
राज्य शासन का निर्देश
राज्य शासन के निर्देशानुसार ही हर मरीज की आभा आइडी बनानी है। रोजाना 2 हजार के करीब ओपीडी, आइपीडी होती है, हमारे पास स्टाफ की कमी है। दो ऑपरेटर ओर बढ़ाए जाएंगे। साथ ही वार्डों में भी आइडी बनाने को कहा जाएगा। आभा आइडी व्यक्ति अपने मोबाइल से भी बना सकता है।
डॉ. अनिरूद्ध कौशल, सिविल सर्जन