29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा
ओंकारेश्वर में हादसा, ब्रह्मपुरी घाट पर डूबे मथुरा के दो युवक
Play video

ओंकारेश्वर में हादसा, ब्रह्मपुरी घाट पर डूबे मथुरा के दो युवक

ओंकारेश्वर में तीर्थ यात्रियों के डूबने की घटनाएं रोजाना सामने आने लगी है। जिससे श्रद्धालुओं के लिए घाटों पर की गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को मथुरा से दोस्तों के साथ आए ओंकारेश्वर आए दो युवक ब्रह्मपुरी घाट पर डूब गए। स्नान करने के लिए सभी युवक खतरनाक एरिया में पहुंच गए थे। दोनों युवकों का अभी तक पता नहीं चल सका।

Google source verification

मथुरा के रहने वाले तुषार पिता धरमसिंह (21) और आकाश पिता रमेश बंसल (20) के साथ घटना हुई है। तुषार व आकाश अपने आठ से अधिक दोस्तों के साथ ओंकारेश्वर आए हुए थे। मंगलवार को सभी युवक स्नान के लिए ब्रह्मपुरी घाट पर पहुंचे। घाट पर मुख्य जगह न नहाते हुए सभी लोग करीब 200 मीटर दूर झूला पुल के पास चट्टान पर नहाने चले गए। चट्टान के पास ही गहरा पानी होने से तुषार और आकाश डूब गए।

यह देख दोस्तों ने होश उड़ गए। सभी लोग मदद के लिए पुकारने लगे। इस बीच नाविकों ने मौके पर पहुंचकर तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी लगते ही मांधाता थाने से पुलिसकर्मी और एसडीआरएफ के जवान भी घटनास्थल पहुंचकर सुरक्षा नाव से सर्चिंग करने लगे। शाम पांच बजे तक भी दोनों युवकों का पता नहीं चल सका।

चट्टान पर जाकर मस्ती कर रहे थे युवक

इस मामले में मांधाता थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंदिया ने बताया कि तुषार और आकाश मथुरा से अपने दोस्तों के साथ ओंकारेश्वर आए थे। वे सभी लोग चट्टान पर चढ़ गए। यहां कुछ लोग नहा रहे थे तो कुछ चट्टान पर खड़े होकर सेल्फी व वीडियो बना रहे थे। इस दौरान यह हादसा हुआ है। दोनों युवकों के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। बुधवार सुबह फिर से तलाश की जाएगी।

यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही, एक जवान के हवाले घाट

घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है। ब्रह्मपुरी घाट पर दो शिफ्ट में एसडीआरएफ के एक-एक जवान की ड्यूटी लग रही है। इस तरह से एक शिफ्ट में एक ही जवान तैनात रहता है। यह िस्थति हर एक घाट पर हैं। एक जवान के हवाले पुरा घाट होने से वह नजर नहीं रख पा रहा। तीर्थ यात्रियों का कहना है कम से कम एक घाट पर एक शिफ्ट में एसडीआरएफ के चार जवान तैनात रहे, तब ही घटनाओं को रोका जा सकता है।