
बरगी डेम हादसे में क्रूज डूबने से 9 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में हडक़ंप है। खंडवा जिले में तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नावों का संचालन और हनुवंतिया में स्पीड बोट, बनाना बोट सहित अन्य बोट का संचालन होता है। ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु आ रहे है और कई श्रद्धालु नौका विहार का आनंद भी उठाते है। पूर्व में ओंकारेश्वर में पिछले 9 माह में डूबने के 45 प्रकरण सामने आए है, जिसमें 39 से अधिक लोगों को होमगार्ड, एसडीआरएफ व स्थानीय नाविकों द्वारा बचाया जा चुका है।
लाइफ जैकेट सबसे जरूरी
इन हादसों को लेकर जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह का कहना है कि, इस तरह के हादसों के समय सबसे महत्वपूर्ण बचाव लाइफ जैकेट से रहता है। इसलिए जिला प्रशासन की टीम सभी नाविकों पर यह नजर रखती है कि वे खुद भी और नाव में बैठने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ जैकेट पहनाना सुनिश्चित करें। जिससे किसी इमरजेंसी या हादसे के समय मानव जीवन को बचाया जा सके। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि, सभी नाव लाइसेंस धारी नाविकों के द्वारा ही चलाई जाए। 18 वर्ष से कम के बालकों को नाव चलाना प्रतिबंधित किया गया है। नावों की फिटनेस की लगातार जांच भी की जाती है, जिससे हादसों में कमी लाई जा सके।