राज्य मिलेट मिशन एवं तिलहन मिशन के तहत कृषि मंडी में दो दिवसीय मिलेट मेला और कृषक सम्मेलन आयोजित किया गया। मेले में मोटे अनाज और तिलहान के उत्पादन पर बल दिया गया। दूसरे दिन तकनीकी सत्र में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के पद्धति की बारीकियां बताई गई। इस दौरान ड्रोन से कीटनाशक और नैनो यूरिया के स्प्रे के कई फायदे बताए।
मेले में किसानों को फसलों के उत्पादन बताई विधि
दो दिवसीय मेले में किसानों को कम लागत और कम पानी में अधिक एरिया में फसलों के उत्पादन की विधि बताई गई। मेले में किसानों को को मिलेट अर्थात ‘ श्री अन्न ’ एवं तिलहन फसलों के उन्नत उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन एवं उपयोगिता के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कृषि मेले में विभिन्न शासकीय विभागों, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा निजी कृषि आदान कंपनियों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए, जिनमें उन्नत बीज, कृषि यंत्र, उर्वरक, जैविक उत्पाद, फसल संरक्षण तकनीक एवं नवीन कृषि नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कृषकों ने इन स्टॉलों का अवलोकन कर नवीन तकनीकों एवं संसाधनों की जानकारी ली।
तिलहन मिशन की बताई रूपरेखा
विधायक नारायण पटेल ने शासन की योजनाएं गिनाई । उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने और फसल विविधीकरण करने की अपील की। प्रारंभिक सत्र में उप संचालक कृषि नितेश यादव के द्वारा राज्य मिलेट मिशन एवं तिलहन मिशन की रूपरेखा बताई गई। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिलेट एवं तिलहन फसलों की उन्नत किस्मों, बुवाई तकनीक, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों कृषि विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।