महारानी लक्ष्मीबाई पोस्ट मैट्रिक जनजाति कन्या छात्रावास में दूषित भोजन से बीमारी का मामला अब ब्लैकमेल और शारीरिक प्रताडऩा के आरोप तक पहुंच गया है। सोमवार को छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर मंगलवार को दोबारा छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंची। छात्राओं ने वार्डन पर आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की है।
मामला जनजाति विभाग के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का है। यहां सोमवार को भोजन में इल्लियां निकलने से पांच छात्राओं की तबीयत खराब हुई थी। छात्राओं का आरोप है कि वार्डन रेखा प्रजापति द्वारा प्रताडि़त किया जाता है, खराब भोजन परोसा जाता है। शिकायत करने पर मारपीट की जाती है। कलेक्ट्रेट पहुंची एक छात्रा ने बताया कि मैडम द्वारा अपनी खास छात्राओं के माध्यम से कॉलेज में उनके दोस्तों के साथ बैठे फोटो खिंचवा लिए और अब ब्लैकमेल कर रही है कि फोटो उनके परिवार को भेजकर पढ़ाई बंद करा दूंगी। एक छात्रा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व मैडम की एक खास छात्रा ने उसके साथ मारपीट की थी। मैडम ने मुझे पुलिस रिपोर्ट भी नहीं करने दी।
मामला नोटिस के बाद बिगड़ा
बताया जा रहा है कि कुछ छात्राएं कॉलेज से पास आउट हो चुकी है और बिना पढ़ाई के भी छात्रावास में रह रही है। सात जनवरी को वार्डन द्वारा छात्राओं को नोटिस जारी कर मार्कशीट जमा करने या हॉस्टल छोडऩे के लिए कहा गया था। जिसके बाद से मामला बिगड़ा है। इस मामले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी और एनएसयूआइ पदाधिकारियों ने भी छात्राओं के साथ कलेक्टर से मुलाकात की। जिसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा को जांच सौंपी है।
हटाएंगे वार्डन को
छात्रावास में दूषित भोजन को लेकर एडीएम जांच कर रहीं हैं। वें सभी बालिकाओं से चर्चा भी करेंगी। जिन छात्रावासों में वार्डन को तीन साल से अधिक हो चुके है, उन्हें दूसरी जगह भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पास आउट हो चुकी छात्राओं को भी हॉस्टल छोडऩा होगा।
ऋषव गुप्ता कलेक्टर