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आक्रोश… पूरे क्षेत्र में फसल खराब, पटवारी कह रहे पांच किसानों के नाम बता दो

-छैगांवमाखन क्षेत्र के कई गांवों से आए किसानों ने ली आपत्ति, कहा पूरे खेतों का सर्वे हो -भावांतर को लेकर कहा हम पंजीयन को तैयार, पूरी उपज तुलवाने की गारंटी लो

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खंडवा

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Manish Arora

Oct 15, 2025

प्राकृतिक आपदा, कीट प्रकोप से सोयाबीन फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। किसान लगातार सर्वे की मांग कर रहे है। मंगलवार को छैगांवमाखन तहसील के कई ग्रामों से किसान बिना किसी बैनर तले स्वयं ही अपनी खराब फसलों का मुआवजा मांगने पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। किसानों का कहना था कि राजस्व अमला सर्वे के लिए आ नहीं रहा और पटवारी कह रहे गांव से पांच लोगों के नाम बता दों, हम रजिस्टर में चढ़ा लेंगे।

मंगलवार को ग्राम चिचगोहन, अत्तर, अजंटी, सिर्रा, भैरूखेड़ा, तलवडिय़ा सहित आसपास के गांवों से किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए खराब फसलों के मुआवजे की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, तहसीलदार महेश सोलंकी ने किसानों से चर्चा की। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा सर्वे हो रहा है। किसानों ने कहा हम यहां मौजूद है, आप पटवारी को फोन लगाकर पूंछ लो किस गांव में सर्वे हुआ है। पटवारी सर्वे के लिए खेतों में आ ही नहीं रहे, और किसानों के नाम पूंछ रहे है। सिटी मजिस्ट्रेट ने जवाब दिया, हम प्लाट कटिंग करवाकर सभी खेतों के नुकसानी का आंकलन करवा रहे हैं।

तीन क्विंटल भी सोयाबीन नहीं बची
सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा भावांतर योजना में पंजीयन करवा लो, फसल का दाम मिल जाएगा। आक्रोशित किसानों का कहना था जब खेत में फसल ही नहीं बची है तो कहां से भावांतर में पंजीयन करवा लें। आपके कहने पर हम पंजीयन करवा लेते है, आप लिखकर गारंटी दो कि किसान जिस अवस्था में उपज लाएगा, आप पूरी तुलवा दोंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा नियमानुसार ही फसल तुलाई जाएगी। इस पर किसानों ने कहा जब नियमानुसार ही तुलाएंगे तो फिर किसान के पास बचेगा क्या, आधी से ज्यादा फसल तो छंटाई में आ जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि राजस्व अमले द्वारा पूरी तरह सर्वे कराया जाएगा।

सभी तहसीलदारों को दिए निर्देश
जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुई है, राजस्व पुस्तक परिपत्र के नवीनतम प्रावधानों के तहत उनके फसल राहत के प्रकरण बनाने की कार्यवाही की जाए। राजस्व अमला सभी खेतों तक पहुंचकर नुकसानी का सर्वे करेगा।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर