मैं तो नन्द के घर जाउंगी, बधाई देकर आउंगी’… ‘नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से पूरा पांडाल गूंज उठा। श्रद्धालु भजन पर झूमने लगे। अवसर था मयूर विहार में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का। इसमें 3 माह के पुरंजय सोनी को कान्हा बनाया गया। कथा पंडाल में वासुदेव बने प्रसन्न सोनी और यशोदा दिव्या सोनी श्रीकृष्ण रूपी बालक को लेकर पहुंचे। पूरा पंडाल बधाई हो बधाई से गूंज उठा। पंडाल में चॉकलेट और फूलों की होली खेली गई।
आयोजक सतनामसिंह होरा और ज्योति होरा ने जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर खंडवा विधायक कंचन तनवे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मयूर विहार में आयोजित श्रीमद भागवत अष्टमसखामृत महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को कथा वाचक बाल व्यास विष्णुप्रिया अवि ने कहा बालक का सृजन यानी निर्माण मां करती है। वह अपने बच्चों को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देती है। उदाहरण के तौर पर भगवान श्री राम को माता कैकई ने उन्हें वन में जाने की कहीं थी, वे गए भी। 14 साल बाद आने के बाद उन्हें पूजते हैं।
चार साहिबजादों की शहीदी भी बताई
गुरु गोविंद सिंघ महाराज के चार पुत्र थे, जिन्हें चार साहिबजादे के नाम से जाना जाता है, साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह, और साहिबजादा फतेह सिंह इन सभी ने धर्म और सच्चाई की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जिनमें बड़े बेटे चमकौर के युद्ध में और छोटे बेटे जोरावर सिंह व फतेह सिंह को जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था। इन चार युवा-बाल शहीदों, साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान इतिहास में अद्वितीय है और आज भी प्रेरणा और श्रद्धा का स्रोत बना हुआ है।
श्रीराम, कृष्ण जन्म की कथा सुनाई
श्रीमद् भागवत अष्टमसखामृत महोत्सव के चौथे दिन भक्त कृष्णदास चरित्र के तहत प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार, श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं फूल होली महोत्सव पर प्रसंग सुनाया। कार्यक्रम प्रभारी आशीष जायसवाल ने बताया इस अवसर पर दिनेश तनवे, बलदेवसिंह मौर्य, वृंदावन के नवलकिशोर महाराज, राजेश यादव, अतुल सोनी, सुनील उज्जैन, विजय भालेराव, माया भालेराव, मुकेश डिक्सन, रुपसिंह सोलंकी, बनवारी मालाकार, राकेश महाजन, रतन भारद्वाज, जयराम कोठारे, राजेश काले, अतुल सोनी, नागराज, अंकित तिवारी, बबिता दमाड़े, अरुण यादव, डॉ. नरेन्द्रसिंह चौहान, महेश बिल्लोरे, सोमवार के मेहमान गोविन्द नगर औऱ विशाल नगर रहे।