प्रदेश सरकार गोमांस निर्यात को जीएसटी फ्री किए जाने की अधिसूचना जारी करने पर हिंदू संगठनों में खासा आक्रोश है। गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल और अखिल भारत हिंदू महासभा ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर इसे निरस्त करने की मांग की। विहिप बजरंग दल का कहना है कि गोमांस पर कर मुक्ति देना वस्तुत: गो हत्या को प्रोत्साहन देना जैसा है।
गुरुवार दोपहर को कलेक्ट्रेट पहुंचे विहिप बजरंग दल पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विहिप ने बताया कि मप्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है जिसमें गोवंशीय पशुओं का मांस टैक्स फ्री किया गया है। यह निर्णय न केवल मप्र गोवंश प्रतिषेध अधिनियम के विपरित है, बल्कि समाज में गहरा असंतोष और अशांति फैलाने वाला भी है। एक ओर राज्य गो संरक्षण वर्ष मना रहा है। वहीं, दूसर ओर इस प्रकार का आदेश शासन की अपनी ही नीतियों व हिंदू समाज की आस्थाओं का विरोधाभाष प्रदर्शित करता है। विहिप ने मांग की है कि इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष माणक अग्रवाल, अनिमेश जोशी, उपाध्यक्ष आनंद अग्रवाल, जिला मंत्री विनीत सोनी, विकास सातले, राजेश मालवीय, रोहित चावरे, राजेंद्र यादव, जिला गोरक्षा प्रमुख रवींद्र शेंडगे (छोटू मंत्री), विभाग संयोजक आदित्य मेहता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गोमाता को राजमाता घोषित कर अधिसूचना निरस्त करें
वहीं, हिंदू महासभा ने भी गोमाता को राजमाता घोषित कर गोमांस पर 0 प्रतिशत जीएसटी अधिसूचना निरस्त करने की मांग की है। महासभा ने इसे हिंदू आस्था और संविधान के अनुच्छेद 48 का उल्लंघन बताया। ज्ञापन में गाय तथा गोवंशों की हत्या एवं व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध, सघन चेकपोस्ट, उडऩ दस्ते और प्रशासन के साथ सीधा संपर्क तंत्र जैसी मांगें सम्मिलित हैं। जिलाध्यक्ष विजय वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन मंत्री पं. जीतू दुबे, युवक महासभा जिला अध्यक्ष संदीप मंडलोई, नगर अध्यक्ष श्याम नाफड़े, जिला मीडिया प्रभारी सुबोध चौरे, जिला प्रवक्ता मोहित बंसल, गो रक्षा महासभा के शिवम ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे।