19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा

भूतड़ी अमावस्या… तीर्थनगरी में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, पांच किमी दूर रुकवाए वाहन, पैदल चलना पड़ा

नर्मदा तट पर दिनभर चला तंत्र-मंत्र और स्नान दौर

Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Mar 19, 2026

भूतड़ी अमावस्या पर 2 लाख से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे। इस अवसर पर श्रद्धालु जत्केथों के रूप में ओंकारेश्वर पहुंचे। काले और लाल कपड़े पहने, हाथों में त्रिशूल गले में लोहे की सांकल और ढोल ढमाकों के साथ श्रद्धालुओं के झुंड बडवे और भोपो के साथ ओंकारेश्वर पहुंचे। पुलिस द्वारा वाहन पांच किमी दूर रुकवाए गए, जिसके कारण लोगों को पैदल चलना पड़ा।

तांत्रिक क्रियाएं हुई
दिनभर ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी में श्रद्धालु विभिन्न घाटों पर तांत्रिक क्रिया करते और धार्मिक उपक्रम करते देखे गए। मालवांचल से अधिक संख्या में इस अवसर पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन करने वालों की संख्या कम रही, किंतु घाटों और ओमकार पर्वत परिक्रमा मार्ग पर दिनभर श्रद्धालुओं का जमावड़ा बना रहा।

5 किलोमीटर पैदल चले श्रद्धालु
सुबह से श्रद्धालु कोठी हेलीपैड और उसके आसपास खाली खेतों में बनाई गई अस्थाई पार्किंग में वाहनों को खड़ा कर वहां से जत्थों के रूप में के रूप ढोल बजाते हुए 5 किलोमीटर पैदल चल ओंकारेश्वर पहुंचे। गले में लोहे की सांकल, हाथ में त्रिशूल तलवार लिए बड़वे भोपो के साथ श्रद्धालु नर्मदा किनारे घाटों पर स्नान कर बाहरी बाधाओ से मुक्त होने के लिए धार्मिक तांत्रिक उपक्रम करते देखे गए।

खाली खेतों में पार्किंग
प्रशासन द्वारा ओंकारेश्वर से 5 किलोमीटर दूर ग्राम कोठी से आगे सनावद और मोरटक्का मार्ग पर खाली खेतों पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई। यहां पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इन स्थानों से पैदल और ऑटो से श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे।

पुलिस जवान के पैर पर चढ़ा टेंपो
कोठी हेलीपैड के सामने सुबह-सुबह श्रद्धालुओं से भरे टेंपो का पहिया जवान के पैर पर चढ़ जाने से जवान घायल हो गया। श्रद्धालुओं और साथ में तैनात जवानों ने घायल सिपाही को अस्पताल पहुंचाया। इससे कुछ देर के लिए जाम लग गया और अफरा तफरी मच गई । टेंपो में महिला और बुजुर्ग श्रद्धालु सवार थे। ड्राइवर ने भागने की कोशिश की किंतु साथी पुलिस वालों ने उसे दबोच लिया।

नगर परिषद द्वारा प्याऊ और छांव की व्यवस्था
नगर परिषद द्वारा श्रद्धालुओं के लिए घाटों पर और अन्य प्रमुख स्थानों पर छांव के लिए की केनोपी लगाई गई । ठंडे पानी के लिए रांजन रखी गई और कुछ स्थानों पर ठंडे पानी की केन भी उपलब्ध रही। नगर परिषद द्वारा कुछ भीड़ वाले प्रमुख स्थानों, चौराहों बस स्टैंड पर प्लास्टिक कैनोपी में ठंडा पानी की केन से यात्रियों को पेयजल उपलब्ध करवाया गया।

आधी परिक्रमा से लौटे श्रद्धालु
परिक्रमा मार्ग स्थित आदि गुरु शंकराचार्य प्रतिमा स्थल से कैलाश को तक पक्क निर्माण होने से श्रद्धालु सीधे कैलाश को पहुंचकर ही वापस लौट आए। परिक्रमा रास्ते का सूचना बोर्ड नहीं होने से गफलत में श्रद्धालु आधी परिक्रमा से ही लौट आए। स्थानीय निवासी नरेंद्र चौहान ने बताया कि कैलाश खो से आगे सिद्धनाथ मंदिर के आसपास दुकान वाले दिन भर यात्रियों की प्रतीक्षा करते रहे किंतु केवल कुछ ही श्रद्धालु इस मार्ग पर पहुंचे अधिकतर श्रद्धालु कैलाश खो से वापस चले गए।