देश में हर 10 साल में होने वाली जनगणना इस बार 2027 में होगी। जनगणना से पहले मई 2026 से घरों की गिनती का काम शुरू होगा। हर घर को अलग पहचान एक यूनिक नंबर के रूप में मिलेगी। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुआ। प्रशिक्षण में कलेक्टर व प्रमुख जनगणना अधिकारी ऋषव गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक 10 वर्ष में होने वाली जनगणना के कार्य के लिए पूरी गंभीरता से ट्रेनिंग लें।
मकानों के नंबरिंग की प्रक्रिया समझाई
कलेक्टर ने बताया कि बताया कि जनगणना के लिए 15 से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को उनकी जानकारी जनगणना पोर्टल में स्वयं ही भरने की सुविधा दी जाएगी। जनगणना-2027 के तहत मई-2026 माह में सर्वे कर घरों की लिस्टिंग का कार्य शुरू हो जाएगा। प्रशिक्षण में मकानों के सूचीकरण तथा नंबरिंग की प्रक्रिया अधिकारियों को समझाई गई। अधिकारियों को बताया गया कि कोई भी मकान सूचीकरण से छूटना नहीं चाहिए।
प्रत्येक मकान को देना होगा नंबर
प्रत्येक मकान को एक अलग नंबर देना होगा। प्रशिक्षण में बताया गया कि फरवरी 2027 में घर-घर जाकर जनगणना की जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशिक्षणमें अधिकारियों को भारत की जनगणना के संबंध में संक्षिप्त परिचय एवं नीति निर्माण सहित जनगणना-2027 के मुख्य बिंदुओं एवं प्रक्रियाओं के बारे में अवगत कराया गया।
700 से 800 की जनसंख्या पर एक ब्लॉक
कलेक्टर ने बताया कि जनगणना के लिए 700 से 800 की जनसंख्या पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। एक ब्लॉक पर एक एन्युमेटर की नियुक्ति की जाएगी। छह एन्युमेटर पर एक सुपरवाइजर रहेगा, जो संबंधित चार्ज अधिकारी को रिपोर्ट करेगा। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के लिए डेटा कलेक्शन और जांच की प्रक्रिया के संबंध में भी बताया गया। प्रशिक्षण भोपाल से आए संभाग प्रभारी अभिमन्यु अरोरा और जिले के जनगणना प्रभारी जेएल साकेत द्वारा दिया गया। ट्रेनिंग में जिले के सभी एसडीएम, आयुक्त नगर निगम, तहसीलदार तथा सीएमओ उपस्थित रहे।