भारत-संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को शहर कांग्रेस कमेटी ने गांधी भवन में पोस्टकार्ड अभियान से इसकी शुरुआत की। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड लिखकर जवाब मांगा है। कांग्रेसजनों ने प्रश्न उठाया कि आखिर ऐसी क्या जल्दी थी कि देश के किसानों, वस्त्र उद्योग और डेटा की अस्मिता को दांव पर लगाकर यह समझौता किया गया?
जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि अभियान के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पोस्टकार्ड लिखकर समझौता वापस लेने की मांग की। कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि सस्ते आयात के कारण किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल पाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। वहीं टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ेगा, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट आ सकता है। प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि यदि यह समझौता देशहित में है तो प्रधानमंत्री खुलकर जनता को इसका लाभ बताएं। लेकिन यदि इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी हुई है, तो देश जवाब मांगता है “सरेंडर क्यों किया? जवाब दो, हिसाब दो!”
कांग्रेस चलाएगी जनजागरण अभियान
शहर अध्यक्ष ने बताया कांग्रेस इस मुद्दे पर जनजागरण अभियान चलाएगी और आवश्यकता पड़ी तो व्यापक जन आंदोलन भी करेगी। इस अवसर पर महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमलता पालीवाल, सुनीता सकरगाए, पार्षद अन्विता ओझा, सुनीता रायकवार, कामिनी मंडलोई, मीनू मंडलोई, मीरा सोनी, ज्योति आर्य, ललिता आर्य, कंचन दशोरे, सरोज बघेल, मंजुला पाराशर, विशाल जैन, शहजाद पवार, इमरान गौरी, प्रेमांशु जैन, सुरेश गुरबानी, वकील नीलकंठ, असलम गौरी, शोयब शाह, वामनराव जाधव, योगेश जांगिड़, सुनील पासी सहित कांग्रेसजन मौजूद थे।