खाद घोटाले व फसल बीमा को लेकर किसान संघ का आंदोलन, कपास पंजीयन तिथि बढ़ाने की मांग
केंद्र के टोल फ्री नंबर-14447 पर शिकायत
जिले में प्रशासन खरीफ सीजन की खराब फसलों का जमीनी सर्वे नहीं करा रहा है। सर्वे कराने 11 हजार किसानों ने केंद्र शासन के टोल फ्री नंबर (14447 ) पर शिकायत की है। किसानों ने केंद्र व राज्य शासन से कहा है सोयाबीन, कपास और मक्का की फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया है। बारिश के दौरान फसलें खराब हो गई हैं।
पटवारी हल्का स्तर पर जमीनी सर्वे कराया जाए
जमीनी सर्वे कराया जाए। किसानों ने फसलों के क्लेम के लिए पटवारी हल्का स्तर पर सर्वे कराने की मांग कर रह हैं। टोल फ्री नंबर पर बड़ी संया में किसानों की शिकायत के बाद केंद्र और राज्य शासन के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। सेंट्रल की सूचना पर बीमा कंपनी को टोल फ्री नंबर से 6 हजार 500 किसानों की फसलों का सर्वे कर रही है।
80 हजार हेक्टेयर में फसलें प्रभावित
खरीफ सीजन में सोयाबीन, कपास और मक्का की बोवनी करने वाले 1.80 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया है। किसानों का दावा है कि बारिश के दौरान 80 हजार हेक्टेयर से अधिक एरिया में फसलें प्रभावित हुई हैं। पंद्रह दिन से किसान जमीनी सर्वे कराने जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं। अफसर फसलों का सर्वे के नाम पर सिर्फ सामान्य आंकलन कर रहे है। प्रशासन के प्रारंभिक आंकलन में अब तक सिर्फ 16 हजार हेक्टेयर फसलें प्रभावित होने की सूचना है। इधर, मामले में डीडीए खंडवा को भोपाल बुलाया गया है।
उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई
भारतीय किसान संघ (भाकिसं) ने खाद घोटाले, फसल बीमा क्लेम और कपास पंजीयन की समस्याओं को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर धरना दिया। किसानों ने उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा सोयाबीन, कपास व मक्का की फसलों का सर्वे कर बीमा क्लेम दिलाने की मांग उठाई।
खाद के सवाल पर गाेल-मोल जवाब
धरना स्थल पर पहुंचे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के सीईओ आलोक यादव से किसानों ने सवाल किया कि जब सोसायटियों पर खाद नहीं मिल रही थी, तब जांच क्यों नहीं हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
कपास पंजीयन की तिथि 30 अक्टूबर तक बढ़ाई जाए
सेवा सहकारी समिति पिपलानी के किसानों ने 270 किसानों की अंशपूंजी में हेराफेरी का आरोप लगाया और राशि लौटाने की मांग की। वहीं भाकिसं ने कपास पंजीयन की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर करने सहित दस सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा है।
80 हजार हेक्टेयर खराब होने का दावा
खंडवा में 3.20 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन, कपास, मक्का समेत अन्य फसलों की बोवनी हुई है। इसमें 2.10 लाख हेक्टेयर सोयाबीन, 50-55 हजार हेक्टेयर कपास, 75 हजार हेक्टेयर मक्का की बोवनी हुई है। किसानों का दावा है कि बारिश के दौरान 80 हजार हेक्टेयर एरिया में फसलें प्रभावित हुई हैं।
इस तरह की शिकायतें रिजेक्ट
फसलों में पीला मोजेक रोग
सीड्स रोग
अन्य कारण
सिर्फ इस तरह की शिकायतें मान्य
बारिश के कारण खराब होने वाली फसलें
बारिश और बाढ़ के दौरान जलभराव वाली फसलें
इनका कहना : राहुल सोनी, जिला प्रबंधक, बीमा कंपनी
फसल बीमा क्लेम के लिए सर्वे कराने सेंट्रल गवर्नमेंट के टोल फ्री नंबर पर सूचना देने वाले किसानों में से अब तक हमारे पास 6 हजार 500 किसानों की कंपलेंट आई है। कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त टीम के साथ सर्वे की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी गई है।