भारत विकसित युवा संवाद कार्यक्रम-प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज में सभागार में आयोजित युवा संसद में युवाओं ने ‘ आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सबक ’ विषय पर अपने विचार रखे। युवाओं ने सदन में अपने संवाद से एक बार फिर 50 साल पहले की खामोश आवाज को ताजा करते हुए लोकतंत्र को जिंदा कर दिया।
मत चिरागों को हवा दो…उंगलियां भी जल जाएंगी…
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, एसएन कॉलेज में गुरुवार को जिला स्तरीय एक दिवसीय युवा विकसित भारत युवा संवाद कार्यक्रम हुआ। मिलेश बर्डे ने अपने विचार में कहा मत चिरागों को हवा दो, यह वह हवन है जिसमें उंगलियां भी जल जाएंगी…। कत्यानी सिंह ने कहा आपातकाल हमें सिखाता है कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सत्ता संविधान द्वारा नियंत्रित हो। और जागरूक नागरिकों द्वारा सुरक्षित रखी जाए।
250 युवाओं ने माय भारत पोर्टल पंजीयन किया
संस्था प्राचार्य डॉ सोमपाल सिंह ने बताया कि विजेता प्रतिभागी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता करेंगे। संयोजक डॉ मीना राठौर ने बताया कि 250 युवाओं ने माय भारत पोर्टल पंजीयन किया। जिला स्तर पर 209 ने अपने विचार को प्रस्तुत किया। प्रो महेश भाबोर ने बताया कि युवा संवाद का राष्ट्रीय सेवा योजना के यू-टयूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया । संचालन प्रो विपिन जैन ने किया।
इन कॉलेजों ने किया प्रतिभाग
एसएन कॉलेज, नवीन आदर्श समेत पंधाना, हरसूद, डॉ सीवी रमन विवि, पूनमचंद गुप्ता , दादाजी इंजीनियरिंग तथा नेहरू युवा केंद्र के युवाओं सहित 209 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
टॉप-5 में ये युवा रहे अव्वल
प्रतियोगिता में टॉप-5 विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा संसद में रखेंगे अपने विचार रखेंगे। मिलेश बर्डे प्रथम, कात्यायनी सिंह दूसरे और तीसरे नंबर पर तेजस झा रहे। काजल हिरवे चौथे और यशस्वी सिंह परिहार 5 वें नंबर पर रहीं।
निर्णायक मंडल में ये रहे
शरद जैन, संजय भट्ट, डॉ मनीषा सिंह, मनोज नेवरिया, करण सिंह भूरिया।