नगर निगम खंडवा द्वारा 19 फरवरी को मां नवचंडी मेला परिसर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से पधारे ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को हास्य, ओज, देशप्रेम और साहित्यिक संवेदनाओं से सराबोर कर दिया।
योगी आए तो त्रेता युग में चला जाएगा देश
बिहार से खंडवा पहुंचे कवि शंकर शंभू ने मंच पर अपनी रचनाएं पढ़ी। उन्होंने पढ़ा कि मोदी जब से आए देश 500 साल पीछे चला गया। कवि जवाब दिया कि यूपी में अबकी बार योगी आए तो देश त्रेता युग में चला जाएगा। कवि ने मंच पर राजनीतिक चुटकियां और कहा कि ऐसा सवाल एक आम आदमी ने उनसे पूछा था।
भ्रष्टाचार की घटाएं, रिश्वत रिम-झिम बरस रही
मप्र के कवि शशिकांत यादव शशि ने रचनाओं को पढ़ा कि भ्रष्टाचार की उठी घटाएं, रिश्वत रिम-झिम बरस रही। ओले पड़ गए प्रतिभाओं पर, अवसर को सब तरस रही।
अपना सच्चा फर्ज निभाऊंगा
जयपुर से आए कवि अशोक चारण ने पढ़ा भागीरथ बन मैं खुद लाया मेरे मन की गंगे को, उसकी आंखें मुझको मेरी ताकतीतकें तिरंगे को। मैं मरते दम तक भी अपना सच्चा फर्ज निभाऊंगा।
बाकी सब राधा हैं
कवि अमन अक्षर ने रचनाएं पढ़ी। उन्होंने पढ़ा कि उस दिन तो उनसे हारी थी फिर कभी नहीं हारी राधा, कान्हा अब नाम के कान्हा हैं बाकी सारी राधा ।
पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रील बनती
जबलपुर से सुदीप भोला ने समकालीन डिजिटल संस्कृति पर रचनाएं पढ़ी। उन्होंने पढ़ा कि पापा ने हैप्पी बद्दे पर मोबाइल दिलवाया था, ऑनलाइन हो गई पढ़ाई ,किश्तों पर मंगवाया था। उसी मोबाइल से पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रील बनती।
इन कवियों ने पढ़ी रचनाएं
कवि सम्मेलन में शशिकांत यादव (देवास), मनवीर मधुर (मथुरा), सुदीप भोला (दिल्ली), शम्भू शिखर (मधुबनी), अशोक चारण (जयपुर), चेतन चर्चित (मुंबई) एवं संयोजक अमन अक्षर (मूंदी-इंदौर) ने काव्य-पाठ प्रस्तुत किया।