
जनसुनवाई में हंगामा करने वाले पिता पुत्र को 21 घंटे जेल में बिताने के बाद बुधवार सुबह 10 बजे रिहाई मिली। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान हंगामा करने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस बुलाकार धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। कांग्रेस द्वारा इसे लेकर मंगलवार रात कलेक्ट्रेट में धरने के बाद बेल के आदेश जारी हुए थे, लेकिन रिहाई बुधवार को ही मिल पाई। जेल से बाहर आने पर कांग्रेस ने पिता-पुत्र का स्वागत किया और बग्घी में बैठाकर कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन तक लाए।
ग्राम बरूड के किसान रामनारायण कुमरावत और उनके पुत्र श्याम कुमरावत ने जनसुनवाई में अपने खेत में जाने के लिए रास्ते की मांग की थी। किसान पिता-पुत्र का कहना था कि हाई कोर्ट से आदेश हो चुका है, राजस्व न्यायालय भी निर्देश दे चुकी है, लेकिन अधिकारी रास्ता नहीं दिला रहे। जब कलेक्टर ने मामला न्यायालय होने की बात कही तो पिता-पुत्र भडक़ उठे थे और अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए रिश्वतखोर तक कह दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने दोनों पर प्रतिबंधात्मक धारा में कार्रवाई करते हुए दोपहर 2 बजे जेल भिजवा दिया था। इस बात को लेकर कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी, निगम नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर सहित अन्य ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया था। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के हस्तक्षेप पर रात को प्रशासन ने जमानत का आदेश जारी कराया था।