संयुक्त कृषक संगठन ने अधिकार रैली के साथ कलेक्ट्रेट का किया घेराव, कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा, फसल बीमा की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। सोयाबीन 6000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए। दूध के भाव बढ़ाया जाए ताकि उत्पादन बढ़े।
फसल बीमा क्लेम की जांच कराने उठाई मांग
जिले के किसान शुक्रवार बारिश में भीगते हुए अधिकार रैली निकाली। दोपहर सब्जी मंडी में सभा की और शाम पांच बजे कलेक्ट्रेट का घेराव किया। किसानों ने कहा सरकार सोयाबीन 6000 रुपए क्विंटल खरीदे। मक्का की तौल करने के साथ ही रकबा के आधार पर भावांतर राशि दिया जाए। फसल बीमा की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ क्लेम पटवारी हल्का के आधार पर किए जाने की मांग उठाई। किसानों कहा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने किसानों को 80 रुपए प्रति लीटर भाव किया जाए।
अपर को लौटाया, कलेक्टर को दिया ज्ञापन
संयुक्त कृषक संगठन की अगुवाई में किसान शुक्रवार सुबह 10 बारिश के बीच सब्जी मंडी में एकत्रित हुए। दोपहर तीन बजे तक सभा की। इसके बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। दौरान ज्ञापन लेने पहुंचे अपर कलेक्टर केआरबड़ोले को वापस कर दिया। कलेक्टर को ज्ञापन देने पर डेढ़ घंटे अड़े रहे। अफसरों ने जानकारी दी कि कलेक्टर मुयमंत्री वीसी में बैठे हुए हैं। किसान कलेक्टर के इंतजार में सड़क पर बैठ गए। डेढ़ घंटे के बाद कलेक्टर गुप्ता ज्ञापन लेने पहुंचे।
केंद्र को 11, राज्य को 14 सूत्रीय ज्ञापन
संगठन अध्यक्ष नरेन्द पटेल ने खाद की जांच कराने के साथ केंद्र को 11 और राज्य को 14 सूत्रीय मांगों का पत्र सौंपा है। इससे पहले मंडी से कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली। इस पर शशि मिश्रा, जय पटेल, राहुल खोरे, दीपेश चौधरी, सुजीत सिंह समेत बड़ी संया में किसान शामिल हुए।रैली में 150 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य छोटे वाहन से किसान पहुंचे थे।
ये प्रमुख मांगें
मक्का की खरीदी के साथ भावांतर राशि दी जाए ।
सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6000 रुपए क्विंटल ।
रेंडम प्लाट पद्धति से फसल बीमा हो ।
फसलों के औसत उत्पादन बढ़ा जाए।
कृषि ऋण माफी योजना चालू की जाए।
राजमार्ग, रेलवे में भूमि अधिग्रहण दो गुना हो।
रबी सीजन में समितियों पर में नकद में विक्रय की जाए खाद।
दूध के भाव 80 रुपए प्रति लीटर किया जाए।
खाद घोटाले की जांच विस्तृत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
खेतों को जोडऩे वाले मार्ग को मंडी फंड से निर्माण कराए जाएं।
जांच से संतुष्ट नहीं, कठोर कार्रवाई करें
किसानों ने कलेक्टर से कहा कि खाद घोटाले में जांच से किसान संतुष्ट नहीं हैं। दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। इस दौरान कहा सरकार डीएमओ की डिमांड पर खाद न उठाने की स्थिति में अन्य जिले को देने का निर्णय बदला जाए। व्यापारी वर्ग को 30 त्न खाद दिया जाए। रबी सीजन में रासायनिक खाद की आपूर्ति समितियों पर नकद विक्रय करने के साथ ही उपमंडियां में टीन शेड, पेयजल व्यवस्था विश्राम भवन, सड़क बिजली, सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रानिक तौल कांटा लगाया जाए।