एंटी टेररिस्ट स्क्वाड की तरह अन्य सुरक्षा जांच एजेंसियों के रेडार पर खंडवा है। पिछले समय से जलील खिलजी पर जांच एजेंसियों की पैनी नजर थी। उसकी हर एक गतिविधी पर नजर रखी जा रही थी। इधर धार्मिक त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में काम कर रही कोतवाली पुलिस को जांच एजेंसियों से जलील को लेकर इनपुट मिला था। जिसके बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई थी। सीएसपी अभिनव बारंगे ने टीआइ अशोक सिंह चौहान के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी जलील को रेलवे माल गोदाम के पास से गिरतार किया। उससे अवैध पिस्टल, मैगजीन और कारतूस जब्त किए।
पूर्व में जलील पर गंभीर अपराध दर्ज हैं
आरोपी मोहमद जलील प्रतिबंधित संगठन सिमी का पूर्व सदस्य है, जिसके विरुद्ध पूर्व में अवैध हथियार रखना एवं राष्ट्र के विरुद्ध अवैध गतिविधियो में संलग्न होने तथा लडाई-झगडा, मारपीट व लोकसेवक के आदेशों की अवहेलना करना जैसे अपराध पंजीबद्ध है। आरोपी पर वर्ष 2011, 2012 और 2015 में केस दर्ज हुए थे।
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था पिता
आरोपी जमील खिलजी का पिता अकील खिलजी भी प्रतिबंधित संगठन सिमी का पूर्व सदस्य था। नवंबर 2016 को भोपाल सेंट्रल जेल के एक पुलिस कर्मी की हत्या कर सिमी के 7 सदस्य फरार हुए थे। भोपाल पुलिस ने मुठभेड़ में 7 सदस्यों को मार गिराया था, जिसमें अकील खिलजी भी था। अकिल व उसके साथ मारे गए चार आंतकियों का जनाजा खडंवा के गुलमोहर कालोनी से निकाला गया था।
त्योहारों को लेकर कार्रवाई की गई है
आरोपी जमील खिलजी को गिरतार किया है। उससे जांच एजेंसियों ने बारी-बारी पूछताछ की है, आरोपी से जब्त पिस्टल देशी है। गणेश उत्सव व आगामी त्योहारों को लेकर कार्रवाई की गई। इस मामले में कोतवाली टीआइ और कार्रवाई मेें शामिल उनकी टीम को पांच हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
– मनोज कुमार राय, पुलिस अधीक्षक