केसर के नाम पर कैंसर बेचने वाली गुटका पाउच को लेकर अधिवक्ताओं ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता से इसकी जांच कराने की मांग की है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे अधिवक्ताओं ने बताया कि गुटका कंपनी अपने निजी आर्थिक लाभ के लिए फिल्म जगत के अभिनेताओं से विज्ञापन कराकर युवाओं को नशे की ओर ले जाया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि दाने दाने में केसर का दम है।
अधिवक्ताओं ने कहा गुटका पाउच 5, 10, 20 रुपए में बिक रहा है, जिसके उपर केसर युक्त भी लिखा है। जबकि असली केसर की कीमत 5 लाख रुपए प्रति किलो है। ऐसे में एक ग्राम केसर की कीमत 500 रुपए होती है। पांच रुपए के गुटका पाउच में ढाई ग्राम सामग्री होती है, निश्चित तौर पर केसर मिला होने का दावा झूठा और भ्रामक है। अपने पसंदीदा अभिनेता को विज्ञापन में गुटका पाउच खाते देख युवा आकर्षित हो रहे है। देश में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका एक मुख्य कारण गुटका पाउच है। युवाओं को जागरूक करने सामाजिक दायित्व के तहत अधिवक्ताओं ने ये कदम उठाया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह यादव, मोहन गंगराड़े, रजनीश सोनी, राहुल बिसेन, महेंद्र गंगराड़े, सुनील आर्य, अभिषेक मालाकार, नितिन कुमार खेरदे मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने गुटका पाउच सौंपकर इसमें मिली सामग्री की किसी शासकीय लेबोरेटरी में जांच कराने की मांग की है।