राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से समाज जागरण के लिए हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को शहर की माखन बस्ती, सरस्वती बस्ती, रवींद्र बस्ती, हाटकेश्वर बस्ती का सम्मेलन संपन्न हुआ। वहीं, टैगोर बस्ती में अपरीहार्य कारण से सम्मेलन स्थगित किया गया। हिंदू सम्मेलनों में समरसता, सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। सभी बस्तियों में बच्चों द्वारा वीर योद्धाओं, वीरांगनाओं के रूप में नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से संघ की यात्रा का संदेश भी दिया।
रवीदास बस्ती :
यहां कार्यक्रम संयोजक भानु पटेल के संयोजन में आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता प्रांत सह प्रचारक केतन सौजित्रा ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा और पंच परिवर्तन विषय पर संबोधित किया। संत समाज से मोहित शास्त्री ने कहा कि जब भी हिंदू समाज की बात हो तो हमें जाती समाज भूल कर एक होकर आगे आना चाहिए। मातृशक्ति वक्ता शालिनी चंदेल ने कहा कि व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज, समाज से राष्ट्र ओर राष्ट्र से विश्व का परिवर्तन होता है।
हाटकेश्वर बस्ती :
हाटकेश्वर बस्ती में समाज प्रमुख मनोहर लाल सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता अनिमेष जोशी ने पंच परिवर्तन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से ही हिन्दू समाज का उद्धार संभव है। संत समाज से गोलू जोशी ने कहा कि जात पात ऊंच नीच के भेदभाव को दूर कर हर हिन्दू को एक भाव से साथ आकर संगठित होना होगा। मातृशक्ति वक्ता शिक्षिका सुशीला राठौड़ संयुक्त हिन्दू परिवार के बारे में संबोधित किया।
माखन बस्ती :
माखन बस्ती का हिंदू सम्मेलन जूना राम मंदिर रामगंज में हुआ। मुख्य वक्ता जीवन धाकड़ ने संघ के 100 वर्षों की यात्रा के बारे में अपने विचार रखे। मातृशक्ति वक्ता क रूप में प्रतिमा अरोरा ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर संबोधित किया। नेत्र चिकित्सा डॉ. सुभाष जैनी, संत समाज से श्याम आष्टकेर ने हिंदू एकता पर अपनी बात रखी। सम्मेलन संयोजक दिनेप पालीवाल रहे। संचालन सह संयोजक गिरीश बजाज द्वारा किया गया।
सरस्वती बस्ती :
सरस्वती बस्ती के आयोजन में मुख्य वक्ता प्रांत संगठन मंत्री विहिप खगेंद्र भार्गव रहे। उन्होंने हिंदू धर्म प्रभावना को लेकर ग्रंथों, पुस्तकों की जानकारी दी। मातृशक्ति से भावना बिल्लौरे ने संयुक्त परिवार का महत्व बताया। संत समाज से पं. गौरव शर्मा, अन्य वक्ता अनंत पंवार ने भी संबोधित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गणेश वंदना और महाकाली नृत्य की प्रस्तुति बच्चों ने दी। सभी सम्मेलन में सहभोज का भी आयोजन हुआ।