20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा
‘मैं यही तुम्हारी कब्र बना दूंगा, गांव वाले सब देखते रह जाएंगे’
Play video

‘मैं यही तुम्हारी कब्र बना दूंगा, गांव वाले सब देखते रह जाएंगे’

यह बिगड़े बोल मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नरमलाय में अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह चौहान के हैं। राजस्व अधिकारी व पुलिस बल के साथ वन विभाग की टीम रविवार को ग्राम नरमलाय में वन विभाग की जमीन पर बसे करीब 20 परिवारों को हटाने की लिए पहुंची थी। कार्रवाई के […]

Google source verification

यह बिगड़े बोल मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नरमलाय में अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह चौहान के हैं। राजस्व अधिकारी व पुलिस बल के साथ वन विभाग की टीम रविवार को ग्राम नरमलाय में वन विभाग की जमीन पर बसे करीब 20 परिवारों को हटाने की लिए पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो रेंजर चौहान ने लोगों को धमकी भरे अंदाज में बात की। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

यह है मामला

ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत पर अद्वैत लोक वन विभाग की जमीन पर बना हुआ है। इस जमीन के बदले में वर्ष 2022 में राजस्व विभाग ने नरमलाय में 9.36 हेक्टेयर करीब 23 एकड़ जमीन वन विभाग को दी थी। करीब 23 एकड जमीन पर चार साल बाद भी वन विभाग ने कब्जा नहीं लिया था। इस जमीन पर 20 परिवार बसे हुए थे। विभाग ने राजस्व के अधिकारियों को जमीन कब्जा हटवाकर देने के लिए कहा था।

इसी को लेकर शनिवार को राजस्व की टीम के साथ वन विभाग की टीम ग्राम नरमलाय में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने पहुंची थी। लोगों के विरोध के बावजूद करीब कुछ ही घंटों में डिप्टी कलेक्टर ममता चौहान, तहसीलदार, पटवारी और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से 10 झोपड़ियों को तोड़ा। इसके साथ ही खेत में जेसीबी मशीन से कंटूर खोद दिए, जिससे कोई खेती न करे।

महिला अ​धिकारी से कर रहे थे अभद्रता

धमकाने का वीडियो वायरल होने पर रेंजर शंकर सिंह चौहान ने बताया कि अतिक्रमण हटाने कार्रवाई में महिला अधिकारी भी थी। उन्हीं के साथ दो से तीन युवक अभद्रता कर अपशब्द कह रहे थे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए मारने के लिए पत्थर उठा लिए थे। यह देख गुस्से में उन्होंने यह कह दिया। किसी आदिवासी को अपशब्द नहीं किए हैं। असामाजिक तीन युवकों को कहा था।

लोगों का विरोध – हम चार पीढ़ियों से रह रहें

आदिवासी परिवार के भैयालाल, ओमप्रकाश, पंचम, जोगिया, अजय बारे और अरुण सहित अन्य करीब 20 लोग परिवार सहित यहां रह रहे थे। इन का कहना है कि पहले जमीन राजस्व विभाग की थी। अब वन विभाग इसे अपनी बता रहा है। हम यहां चार पीढ़ियों से रह रहे हैं। करीब 80 साल हो गए यहां बसे हुए। इस बंजर जमीन को पसीने से सींचकर हरा-भरा किया। अब हमें ही यहां से उजाड़ दिया।