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जावर उद्वहन सिंचाई… 467 करोड़ रुपए की योजना का असली सच, वाह-वाही लूटने अधूरी योजना का लोकार्पण

-52 गांवों की योजना, दो दर्जन से अधिक गांवों में पाइप लाइन ही नहीं -जहां पहुंची पाइप लाइन, वहां भी लीकेज, पानी तक नहीं आ रहा खेतों में

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खंडवा

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Manish Arora

Feb 24, 2026

जावर उद्वहन सिंचाई योजना में 466.91 करोड़ खर्च करने के बाद भी किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। योजना की वाह-वाही लूटने जनप्रतिनिधियों ने पिछले माह इसके पंप हाउस का लोकार्पण भी करवा दिया। हकीकत में 467 करोड़ की योजना पूरी तरह से फैल हो गई है। इस योजना के 52 गांवों में से दो दर्जन में तो पाइप लाइन ही नहीं पहुंची है। जहां पाइप लाइन डली है, वहां भी लीकेज और बार-बार फूटने की शिकायत भी वहां पर आ रही है। किसानों ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है।

वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, तत्कालीन खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा ने इसका भूमि पूजन किया था। दो साल में पूरी होने वाली जावर उद्वहन सिंचाई योजना का काम 6 दिसंबर 2018 से आरंभ हुआ, जो आज सात साल बाद भी अधूरी है। शुरुआत में 432 करोड़ की लागत से आरंभ हुई योजना में बार-बार बदलाव के चलते इसका बजट भी बढकऱ 466.91 करोड़ पहुंच गया। इस योजना से खंडवा विकासखंड के 52 गांवों में 26 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होना थी। वर्तमान स्थिति में 500 हेक्टेयर खेतों तक भी पानी नहीं पहुंचा है। किसान बार-बार शिकायत कर रहे हैं, जनसुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायतों का ढेर लगा हुआ है।

खुदाई की तो बिना वेल्डिंग के मिली पाइप लाइन
ग्राम भकराड़ा में कुछ दिन पूर्व योजना के तहत डली पाइप लाइन में पानी छोड़ते ही फूटने का मामला सामने आया। किसान राधेश्याम मंडलोई के खेत में डली पाइप लाइन की जब शिकायत की गई तो एनवीडीए अधिकारी यहां पहुंचे। खुदाई करने पर 25 मीटर में 4 पाइप डले हुए मिले, जिनकों आपस में जोडऩे वेल्डिंग भी नहीं की गई थी। जिसके चलते खेत में पानी भर गया। वहीं, रविवार को ग्राम अटूट भिखारी में राहुल पटेल के खेत में डली पाइप लाइन फूट गई। खेत खाली होने से यहां कोई नुकसान नहीं हुआ।

90 फीट हवा में टांग दी पाइप लाइन
सुरगाव बंजारी से बल्दुआ डोंगरी, अमलपुरा, भावसिगपुरा, बड़ी नर्मदा नहर परियोजना पाइप लाइन ब्रह्मगीर आश्रम के पास बड़े नाले में 90 फीट बिना सपोर्ट के क्रास किया गया है। खंडवा जनपद उपाध्यक्ष मदन तिरोले ने बताया कि इसका पाइप बेंड होकर टेस्टिंग से पहले ही फूटा पड़ा है। जब नहर का पानी प्रेशर से आएगा तो पानी नाले मे ही बहेगा। बारिश में नाले बाढ़ आई तो पाइप हमेशा टूटेगा फूटेगा, क्योंकि कोई नीचे से सपोर्ट नहीं दिया है।

विभाग का दावा 8 हजार हेक्टेयर में हो रही सिंचाई
एनवीडीए का दावा है कि स्कीम नंबर-4 से करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उनके खेतों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। ग्राम कोटवाड़ा, नहाल्दा, बडग़ांव माली, मुंदवाड़ा, सिहाड़ा समेत कई गांवों के किसानों का कहना है कि योजना के नाम पर हमारे खेतों में पाइप डाले गए, लेकिन पानी आज तक नहीं आया। फसल सूख रही है, जिम्मेदार कोई जवाब नहीं दे रहा।

एक ठेकेदार, 23 पेटी कांट्रेक्टर
योजना में सबसे बड़ा झोल इसके ठेके को लेकर है। योजना का काम हैदराबाद की एक कंपनी द्वारा लिया गया है। उक्त कंपनी द्वारा स्थानीय स्तर पर 23 पेटी कांट्रेक्टर्स को इसका काम दे दिया गया। नतीजा यह है कि आज भी काम अधूरा पड़ा है। किसान परेशान होकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं, बार बार आंदोलन कर रहे हैं। सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार को लेकर दो बार आंदोलन भी कर चुके युवा किसान चंदनसिंह राजपूत ने इस योजना में भारी भ्रष्टाचार करने का आरोप भी लगाया है। जिसकी शिकायत भी की गई है।

जहां तकनीकी त्रुटी, वहां कर रहे सुधार
पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण योजना में देरी हुई। जहां तकनीकी त्रुटियां पाई गई हैं, उन्हें सुधारा जा रहा है। फिलहाल टेस्टिंग का काम चल रहा है और अगले सीजन में पूरे क्षेत्र में पानी देने का प्रयास करेंगे।
एसपी तिर्की, ईई, एनवीडीए