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खंडवा के युवाओं ने सीएए और दिल्ली दंगों पर वन शॉट में शूट में बनाई फिल्म 2020 दिल्ली
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खंडवा के युवाओं ने सीएए और दिल्ली दंगों पर वन शॉट में शूट में बनाई फिल्म 2020 दिल्ली

-बैन लगाने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट में लगी थी 8 याचिका -हाईकोर्ट ने सभी को खारिज की, अब देशभर सहित खंडवा, बुरहानपुर में होगा प्रदर्शन
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खंडवा

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Manish Arora

Oct 30, 2025

भारत की पहली वन-शॉट (एकल टेक में फिल्माई गई) हिंदी फीचर फिल्म “2020 दिल्ली” 14 नवंबर को खंडवा, बुरहानपुर सहित मप्र और देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस अनूठी फिल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण देवेन्द्र मालवीय ने किया है जो खंडवा क्षेत्र के देड़तलाई में जन्मे हैं। खंडवा के गवर्नमेंट स्कूल से 11वीं-12वीं की शिक्षा प्राप्त करने वाले देवेन्द्र मालवीय का कहना है कि यह फि़ल्म केवल मेरी नहीं, मेरे गांव-शहर की मिट्टी का सपना है, जो अब साकार होने जा रहा है।

फिल्म के निर्माता क्षेत्रवासी नंदकिशोर मालवीय हैं, जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही देशभर में सनसनी मच गई थी। इसके बाद फिल्म को बैन करने के लिए कांग्रेस पार्टी, अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, शरजील इमाम, महमूद प्राचा सहित अन्य ने विरोध दर्ज कराया। कुल 7 याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट तथा 1 याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने के लिए दायर की गईं। हालांकि उच्च न्यायालय ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं और फिल्म को सेंसर बोर्ड से ए-16+ सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।

प्रताडि़त हिंदुओ की कहानी है
देवेन्द्र मालवीय ने बताया 2020 दिल्ली की कथा पाकिस्तान और बांग्लादेश में प्रताडि़त हिंदू समुदाय की पीड़ा, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) तथा 2020 के दिल्ली दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फिल्म उन वैचारिक और विदेशी प्रायोजित ताकतों के षड्यंत्रों को बेनकाब करती है, जिन्होंने “सीएए के विरोध” के नाम पर भारत की अखंडता, धर्म और सांस्कृतिक पहचान पर प्रहार करने का दुस्साहस किया। देवेन्द्र मालवीय ने बताया कि उन्होंने लिया है संकल्प फिल्म से प्राप्त आय का एक अंश पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए समर्पित किया जाएगा।

बिना कट के एक ही टेक में शूट
2 घंटे 16 मिनट की यह फिल्म बिना किसी कट के एक ही टेक में शूट की गई है जो भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसमें मप्र के 300 से अधिक कलाकारों और तकनीशियनों ने कार्य किया है। फिल्म की पूरी शूटिंग इंदौर में हुई है। फिल्म में बृजेन्द्र काला, समर जय सिंह, सिद्धार्थ भारद्वाज, भूपेश सिंह, चेतन शर्मा, आकाशदीप अरोड़ा और दीक्षा अस्थाना प्रमुख भूमिकाओं में हैं।