
ज्योतिर्लिंग बाबा ओंकारनाथ भादौ मास के दूसरे सोमवार ओंकार पर्वत की परिक्रमा पर निकले। भादो कृष्णपक्ष की दशमी पर श्रीजी ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा दोपहर 2 बजे ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर की पंचमुखी रजत प्रतिमा गार्ड ऑफ ऑनर के बाद निकाली गई। पालकी मे सवार होकर बाबा ओंकारनाथ कोटितीर्थ घाट पहुंचे। यहां संक्षिप्त पूजा के बाद भोले शंभू भोलेनाथ के जय घोष के साथ बाबा ओंकारेश्वर भक्तों के साथ ओंकार पर्वत की 7 किमी लंबी परिक्रमा पर ढोल बाजों के साथ निकले।
नर्मदा कावेरी संगम घाट पर वैदिक ब्राह्मण पं. राज राजेश्वर दीक्षित द्वारा मांत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की और अमृताभिषेक किया। इसके बाद ओंकार पर्वत पर बड़ी संख्या में भक्त संत पालकी यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह पालकी का स्वागत भक्तों ने किया। ज्योतिर्लिंग भगवान का विशेष पुष्प हार से शृंगार किया गया। उल्लेखनीय है की प्रति सोमवार बाबा भोलेनाथ की संक्षिप्त रूप में पालकी निकलती है। श्रावण में शाही सवारी नगर भ्रमण करती है, जिससे ओंकार पर्वत पर रहने वाले भक्त दर्शन से वंचित रह जाते है। इसके लिए पिछले कुछ वर्षों से श्रावण के बाद एक सोमवार को बाबा ओंकार पर्वत की परिक्रमा के लिए निकलते है। वहीं, ज्योतिर्लिंग भगवान ममलेश्वर महादेव केवल श्रावण के चार सोमवार ही भक्तों को दर्शन देते हैं। आज भी परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है।