सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर संक्रांति श्रीगणेश गोशाला में हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर उपस्थित श्रद्धालुओंने गोमाता का पूजन, गो-ग्रास कराया। साथ ही गोशाला समिति की ओर से हल्दी कुमकुम का आयोजन भी किया गया। मकर संक्रांति का पर्व समस्त मंदिरों में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की एवं दान स्वरूप सूखी खिचड़ी गरीबों को बांटी। साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा गोमाता का पूजन कर हरा चना, गोग्रास भी करवाया गया।
गोशाला समिति अध्यक्ष राकेश बंसल एवं सचिव रामचंद्र मौर्य ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व से गणेश गोशाला में “तुलादान की मान” की सेवा का शुभारंभ किया गया है। जिसमें कोई भी गोभक्त अपना या अपने परिजन का तुलादान उनके वजन के बराबर भार की किसी भी पवित्र गोग्रास सामग्री से कर सकेंगे। इसके लिए सामग्री गोशाला से भी प्राप्त हो सकेगी। पहला तुलादान भगवान श्रीकृष्ण का किया गया। इसके पश्चात गोपूजन और गो-ग्रास हुआ। महापौर अमृता यादव, विधायक कंचन तनवे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र तारणेकर ने उपस्थितजन को शुभकामनाएं दी गई। साथ ही सात धान की खिचड़ी, साबूदाना खिचड़ी एवं फरियाली हलवे का अल्पाहार एवं प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम में आरएसएस विभाग प्रचारक विजेंद्र गोठी, पुलिस अधीक्षक मनोज राय, समिति के भूपेन्द्र सिंह चौहान, आशीष चटकेले, अखिलेश गुप्ता, ओम अग्रवाल, सुनील बंसल, राजेश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, अनिल मित्तल, ओमप्रकाश दशोरे, महेन्द्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विल मंदिर में हुआ हल्दी कुमकुम
शहर के प्राचीन विल मंदिर में मकर संक्रांति पर महिलाओं ने पहुंचकर एक दूसरे को तिल गुड़ ध्या, आणि गोड गोड बोला… कहते हुए हल्दी-कुमकुम लगाकर, तिल गुड़ बांटा और मकर संक्रांति की बधाई दी। इस अवसर महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए। मंदिर के राम श्याम आष्टेकर परिवार द्वारा भगवान वि_ल का विशेष शृंगार भी किया गया। बजरंग चौक स्थित मुनि बाबा मंदिर में भी संक्रांति का पर्व मनाया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को सुहाग सामग्री भी भेंट की।