सिंहस्थ 2028 को लेकर तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक का निर्माण होना है। जिसके लिए यहां 4.6 हेक्टेयर में विभिन्न निर्माण कार्य होना है। ममलेश्वर लोक की जद में आ रहे निजी, शासकीय, व्यवसायिक निर्माणों का यहां से हटाकर अन्य जगह बसाए जाने के लिए प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। सोमवार को विरोध के बीच सर्वे की कार्रवाई आरंभ हुई। इस बीच ममलेश्वर लोक की जद में आ रहे लोगों का प्रतिनिधि मंडल भी भोपाल पहुंचा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की।
महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर को भी महालोक में परिवर्तित किया जा रहा है। यहां पूर्व सर्वे के अनुसार लोगों के मकान, दुकान, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, आश्रम कुल 409 निर्माण महालोक की जद में आ रहे है। महालोक को लेकर ब्रह्मपुरी में सबसे ज्यादा विरोध है और लोगों में डर की स्थिति बनी हुई है। सोमवार सुबह से यहां प्रशासन, राजस्व, नगर परिषद की टीम पहुंची तो विरोध भी हुआ। समझाइश के बाद यहां अपर कलेक्टर व सीएमओ नगर परिषद डॉ. श्रीकृष्णा सुशीर के नेतृत्व में सर्वे किया गया। मांधाता नायब तहसीलदार नरेंद्र ने मुवेल बताया कि कुल 281 दुकान, मकान का सर्वे किया गया। इस दौरान एडीएम अरविंद चौहन, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई, राजस्व टीम, पटवारी, नगर परिषद कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से स्थान परिवर्तन की मांग
ममलेश्वर महालोक के स्थान परिवर्तन को लेकर सोमवार को स्थानीय निवासियों का प्रतिनिधि मंडल विधायक नारायण पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजपालसिंह तोमर और षड् दर्शन संत मंडल अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी के नेतृत्व में भोपाल पहुंचा। महंत मंगलदास ने इस मामले में मुख्यमंत्री के सामने रहवासियों की बात रखी। उन्होंने बताया यहां लोग 100 साल से निवासरत है, इस जगह उनका व्यापार, व्यवसाय है। इस पर पुनर्विचार किया जाए। विधायक नारायण पटेल ने बताया इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने विचार करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान वरिष्ठ नेता सखाराम पटेल, जिला उपाध्यक्ष श्यामसिंह मौर्य, रहवासी संतोष वर्मा, दिनेश पेंटर, उमाशंकर उपाध्याय व अन्य मौजूद रहे।
अन्य जगह बसाने की योजना
इस मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि सामान्य सर्वे है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि किसके पास कितनी जमीन है, कितनी दुकानें हैं, जिससे इनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए। यहां ममलेश्वर लोक के कारण हटाए गए लोगों को शासन के नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। इसके लिए सर्वे से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है, इसका उन्हें ही लाभ मिलेगा।