जिले में एक बार फिर मानसून मेहरबां हुआ है। पिछले तीन दिन से रुक-रुककर कहीं कम कहीं ज्यादा बारिश हो रही है। शनिवार को आइएमडी (भारत मौसम विभाग) ने कई जिलों सहित खंडवा में भी भारी बारिश की चेतावनी मोबाइल पर मैसेज के जरीए जारी की। हर बार की तरह आइएमडी का अनुमान गलत साबित हुआ। शहर में कुछ देर झमाझम और बाद में रिमझिम बारिश का दौर चला। तीन दिन से चल रहे बारिश के दौर से किसानों ने राहत की सांस ली है।
शनिवार को खंडवा शहर सहित ओंकारेश्वर, किल्लौद, पंधान, पुनासा, हरसूद, खालवा, छैगांवमाखन ब्लॉक में अच्छी बारिश हुई। हालांकि खंड वर्षा के चलते कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हुई। खंडवा शहर में सुबह से बादलों की आवाजाही लगी रही। दोपहर में धूप भी निकली। दोपहर 3 बजे करीब रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तेज बारिश में बदल गया। इस दौरान बिजली की गडगड़़ाहट के साथ लगभग एक घंटा तेज बारिश के बाद शाम तक रिमझिम बारिश होती रही। अनुमान है कि करीब एक इंच बारिश हुई। वहीं, आइएमडी ने खंडवा सहित अन्य जिलों में 200 मिमी तक यानि आठ इंच बारिश की चेतावनी जारी की थी। इसके पूर्व भी आइएमडी द्वारा कई बार भारी बारिश की चेतावनी जारी की जा चुकी है, जो गलत साबित हुई है।
बची फसलों को होगा बारिश से फायदा
बारिश की लंबी खेंच के चलते जिले में सोयाबीन, मक्का, कपास की फसलों पर पीला मोजेक सहित अन्य बीमारियों और कीट प्रकोप भी हुआ है। किसानों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत फसलें कीट प्रकोप, बीकारी से खराब हो चुकी ह। पिछले दो-तीन दिन से हो रही बारिश के चलते बची हुई फसलों को फायदा होगा। अच्छी बारिश के चलते किसानों ने भी राहत की सांस ली है।
20 अगस्त तक चलेगा बारिश का दौर
जिला कृषि मौसम इकाई प्रभारी डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मानसून के चलते अच्छी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। हालांकि जिले में खंड बारिश की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण कहीं कम, कहीं ज्यादा बारिश हो रही है। आगामी 20 अगस्त तक ऐसा ही मौसम रहेगा। जिले में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं सघन वृष्टि की संभावना है। जिले में भारी और अति भारी की आगामी तीन-चार दिन में कोई संभावना नहीं दिख रही है।
तीन पुलिया में आया पानी, जोखिम उठाकर निकले लोग
शनिवार शाम को हुई तेज बारिश के चलते तीन पुलिया में भी करीब डेढ़ से दो फीट पानी भर गया। इस दौरान वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकलते रहे। कुछ बाइक सवार तो बाइक फिसलने से गिर भी पड़े, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि तीन पुलिया के आसपास रोड पर बड़े बड़े गड्ढे है, जिसमें पानी भरने से नजर नहीं आते और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। पानी भरने के बाद भी लोग यहां से निकलते रहते है।