
प्रदेश में कार्बाइड गन चलाने से सौ से अधिक बच्चों की आंखें खराब हुई है। खंडवा में भी धनतेरस की रात कार्बाइड गन चलाने से एक बालक की आंख खराब होने का मामला सामने आया है। प्रदेश भर में मचे बवाल के बाद अब खंडवा में भी कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने भारतीय नागरिक सूरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कार्बाइड गन निर्माण, क्रय, विक्रय, भंडारण पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। दिवाली से पहले ही शहर में 200 से अधिक कार्बाइड गन बिक चुकी थी।
करीब एक माह पूर्व शहर के पदम नगर थाना के पास, बीजेपी कार्यालय के पास, निमाड़ नर्सरी के पास सहित कई स्थानों पर बाहर से आए लोगों ने कार्बाइड गन बेची है। पीवीसी पाइप से बनी गन में कार्बन और पानी डालकर हिलाने के बाद बनने वाली गैस में अंदर लगे लाइटर को दबाने से धमाका होता है। कार्बन की बिक्री विस्फोटक के रूप में पहले से ही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भी पूरे शहर में कार्बाइड गन धड़ल्ले से 100-150 रुपए में बिकी है। तब इस ओर किसी अधिकारी, किसी पुलिसकर्मी का कोई ध्यान नहीं गया। अब जब पूरे प्रदेश में कार्बाइड गन से बच्चों की आंख खराब होने के मामले सामने आने पर इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
डॉक्टर्स को भी नहीं पता था
शहर में भी कार्बाइड गन से एक बच्चे की आंख में पुतली खराब होने की बात सामने आ रही है। शनिवार धनतेरस की रात 1.30 बजे परिजन 12-13 वर्षीय बालक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। तब बताया गया था कि पटाखे से आंख में चोट आई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद ओणकर ने बच्चे का इलाज किया था। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मनोज बालके ने बताया कि बाद में जब बच्चे की हिस्ट्री पता की गई तो कार्बाइड गन से आंख में चोट लगने की बात सामने आई थी। बच्चे को ज्यादा चोट नहीं थी, इसलिए दो दिन इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
कलेक्टर ने मांगी सीएमएचओ से जानकारी
कार्बाइड गन से जिले में घटित हुई किसी भी घटना की जानकारी अब कलेक्टर ने सीएमएचओ से मांगी है। सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत द्वारा जिले के सभी बीएमओ सहित सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश जारी किए गए है कि कार्बाइड गन से प्रभावित लोगों की जानकारी अपने-अपने क्षेत्र में ली जाए।
25 दिसंबर तक के लिए आदेश जारी
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने कार्बाइड गन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। यह आदेश आगामी देवउठनी एकादशी, शादी, क्रिसमस पर्व पर आतिशबाजी के प्रयोग को देखते हुए 25 दिसंबर तक लागू रहेगा। सभी एसडीएम, पुलिस अधिकारियों को इस आदेश के सख्त अनुपालन की निगरांनी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति उपरोक्त प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दंड का भागीदार होगा। यह आदेश धारा 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है।