पवित्र पावन मां नर्मदा जिसके दर्शन मात्र से ही प्राणी का जीवन सफल हो जाता है, उस मां नर्मदा का पवित्र पानी ओंकारेश्वर के घाटों पर नहाने लायक भी नहीं रहा है। यहां मौजूद नालों का गंदा पानी मां नर्मदा में मिल रहा है और जिम्मेदार कुछ नहीं कर पा रहे हैं। सिंहस्थ 2028 को लेकर तीर्थनगरी में अरबों रुपए के विकास कार्य हो रहे है, लेकिन यहां बने सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट लगाने के बाद भी मां नर्मदा का आंचल मैला हो रहा है। यहां पूरे नगर का गंदा पानी नर्मदा में मिल रहा है। आठ से ज्यादा नालों के माध्यम से गंदा पानी नर्मदा तक पहुंच रहा है। इसकी शिकायतों के बाद भी नगर परिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। घाटों पर भी गंदगी के कारण नहाना मुश्किल हो रहा है ओंकारेश्वर में नर्मदा स्वच्छता के लिए भले ही निजी संगठनों, संस्थाओं द्वारा जागरुकता के प्रयास किए जा रहे है, लेकिन नगर परिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। परिषद ने नगर में चार स्थानों पर सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट भी लगा रखे हैं, लेकिन इसमें से दो प्लांट बंद है।
लाखों लीटर गंदा पानी प्रतिदिन बहाया जा रहा नर्मदा में
मोक्षदायिनी नर्मदा की पवित्र जलधारा में तीर्थ क्षेत्र में नालों के माध्यम से लाखों लीटर गंदा पानी बहाया जा रहा है। ओमकार मठ घाट पर बना वाटर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पिछले लगभग एक वर्ष से बंद पड़ा हुआ है। इसकी क्षमता प्रतिदिन ढाई लाख लीटर पानी शुद्ध करने की है। कैलाश खो क्षेत्र का गंदा पानी अब सीधा नाली के माध्यम से ओमकार मठ घाट पर मिल रहा है। यह ओमकार पर्वत परिक्रमा का रास्ता भी है। घाट पर भी नाली का गंदा पानी फैलता रहता है जो स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
शिवपुरी क्षेत्र से भी पांच बस्तियों की गंदगी आ रही
सबसे ज्यादा परेशानी मांधाता क्षेत्र में नदी के पार साइड में है। यहां ज्योतिर्लिंग मंदिर की ओर शिवपुरी क्षेत्र में चार से पांच स्थानों से बस्ती का पानी सीधे नर्मदा नदी में जाता है। इस ओर नगर परिषद ने सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट भी नहीं लगाए हैं। जाट धर्मशाला के पास केवलराम घाट के पास गंदा पानी मिलने से घाट पर नहाना भी मुश्किल को रहा है। सिंहस्थ के विकास कार्यों पर प्रशासन ध्यान दे रहा है योजनाएं बनाई जा रही। किंतु मोक्षदायनी के लिए अभी तक इसमें कोई योजना नहीं लाई गई। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नए सिरे से होगा पूरा काम
मप्र अर्बल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का काम था, जिस पर कमिश्नर नगरीय विकास विभाग द्वारा एमपीयूडीसी की टीम पर कार्रवाई भी की गई है। कमिश्नर अर्बन ने इसके लिए नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। एमपीयूडीसी की टीम नए सिरे से पूरा काम जल्द से जल्द पूरा करेगी।
ऋषव गुप्ता कलेक्टर