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धनवर्षा का झूठा सपना बेचने वाले तांत्रिक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

रुपयों की बारिश कराने का झांसा आखिरकार तांत्रिक रामचंद्र की जान ले बैठा। वह काफी समय से ग्रामीणों को तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहा था। उसके झांसे में आए दो युवकों के सामने शराब पार्टी में तांत्रिक ने अपने ही झूठ से पर्दा उठाया दिया। तांत्रिक का सच सामने आते ही दोनों ने सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को बड़ी बेरहमी से अंजाम दिया गया। बार में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज आरोपियों तक पहुंचने में कारगर साबित हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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शराब की पार्टी में अपने ही झांसे का सच उजागर करना तांत्रिक की मौत की वजह बना

तांत्रिक रामचंद्र पिता रघुनाथ पटेल निवासी ग्राम सराय की हत्या का खुलासा सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने किया। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह शहर से करीब 10 किमी दूर बड़गांव गुर्जर की बेड़ी पर तांत्रिक रामचंद्र का शव मिला था। इस मामले में दो आरोपी कैलाश पिता शिवराम भास्कर (33) निवासी ग्राम पाडल्या और आदित्य पिता राधेश्याम दांगोडे (27) निवासी ग्राम जावर ने हत्या करना कबूल किया है। तांत्रिक रामचंद्र ने तंत्र-मंत्र की शक्ति से दावा किया था कि वह पूजा-पाठ और विशेष साधना से उनके लिए धन की वर्षा करवा सकता है। झांसे में आकर युवकों ने 50-50 हजार रुपए भी किश्तों में दिए थे। 

24 घंटे में हत्या का खुलासा कर आरोपियों को पकड़ने में निरीक्षक अशोक सिंह चौहान थाना प्रभारी कोतवाली, एसआइ मनोज दवे, एसआइ अनामिका राजपूत, एएसआइ जितेंद्र तिवारी, भागवत लोखड़े, प्रधान आरक्षक लतेशपाल सिंह तोमर, आरक्षक अनिल बछाने सहित अन्य की भूमिका रही। विशेष रूप से आरक्षक बछाने ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने टीम को दस हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। प्रेसवार्ता में एएसपी महेंद्र तारणेकर व नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार बारंगे भी मौजूद रहे।

स्वीकार किया झूठ
तांत्रिक की हत्या में दूसरे आरोपी आदित्य पर उसकी पत्नी ने केस दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। शनिवार को वह जेल से छूटा था। उसे जेल पर लेने कैलाश और मृतक तांत्रिक रामचंद्र भी गया था। तीनों ने पंधाना रोड पर धर्मकांटा तिराहे के पास एक बार में शराब पी। इसी बीच शराब पार्टी के दौरान तांत्रिक ने नशे में खुद ही स्वीकार कर लिया कि उसके पास कोई शक्ति नहीं है। वह तो बस लोगों को ठग कर पैसे कमाता है।